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Chinmay Das Bangladesh: चिन्मयदास मामले पर केजरीवाल की अपील, बांग्लादेश में केंद्र सरकार से की हस्तक्षेप की मांग

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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बांग्लादेश सरकार द्वारा हिंदू संत चिन्मय दास की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत भर में लोग उनके समर्थन में एकजुट हैं और इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है।

Chinmay Das Bangladesh: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बांग्लादेश सरकार द्वारा हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास जी की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में संत चिन्मय कृष्ण दास को नाजायज तरीके से गिरफ्तार किया गया है और इस मुद्दे पर पूरा देश उनके समर्थन में खड़ा है।

केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि इस मामले में सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए और संत चिन्मय कृष्ण दास को जल्द से जल्द जेल से मुक्त कराना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और केंद्र सरकार को इसे गंभीरता से लेकर बांग्लादेश में हो रही हिंदू विरोधी हिंसा पर अंकुश लगाना चाहिए।

चटगांव में तनाव का माहौल

बांग्लादेश में संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद से चटगांव में तनाव बढ़ गया है। 26 नवंबर को पुलिस और संत के समर्थकों के बीच झड़प की खबरें आईं, जिसमें एक वकील की मौत हो गई। मृतक की पहचान 32 साल के सैफुल इस्लाम के रूप में हुई, जो चटगांव जिला बार एसोसिएशन का सदस्य था। पुलिस और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाईं।

चिन्मय कृष्ण दास को जेल भेजने का आदेश

बांग्लादेश की अदालत ने हिंदू संगठन 'सम्मिलित सनातनी जोत' के नेता चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। चिन्मय कृष्ण दास को देशद्रोह और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में ढाका एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई बांग्लादेश में हिंदू विरोधी घटनाओं के विरोध में संत चिन्मय द्वारा किए गए प्रदर्शन के कारण की गई थी।

बांग्लादेश में हिंदू विरोधी घटनाओं की बढ़ती समस्या

इस गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के बीच चिंता और आक्रोश फैल गया है। केजरीवाल ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए केंद्र सरकार से अपील की है कि बांग्लादेश में हो रही हिंदू विरोधी घटनाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए और प्रभावित समुदायों को सुरक्षा प्रदान की जाए।

आंदोलन और प्रदर्शनों का बढ़ता सिलसिला

बांग्लादेश में हिंदू संत की गिरफ्तारी के बाद से धार्मिक संगठनों और उनके समर्थकों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। चटगांव में हुई हिंसा और पुलिस की कार्रवाई ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा किया है कि बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति क्या है, और क्या हिंदू समुदाय को पर्याप्त सुरक्षा मिल पा रही है।

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