रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को नई परमाणु नीति पर हस्ताक्षर किए। इसमें कहा गया है कि यदि किसी परमाणु शक्ति से समर्थित देश रूस पर हमला करता है, तो इसे संयुक्त हमला माना जाएगा।
Russia Nuclear Doctrine: मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक नई परमाणु नीति पर साइन किए। इस नीति के तहत अगर किसी परमाणु शक्ति समर्थित देश द्वारा रूस पर हमला किया जाता है, तो इसे पूरे गठबंधन का हमला माना जाएगा। यह फैसला यूक्रेन में शुरू हुए रूस के विशेष सैन्य अभियान के 1,000वें दिन पर लिया गया। इस नई नीति का उद्देश्य रूस की सुरक्षा पर बढ़ते खतरों का कड़ा जवाब देना है।
कन्वेंशनल हमले भी शामिल
नई परमाणु नीति में कन्वेंशनल मिसाइल, ड्रोन और एयरक्राफ्ट द्वारा किए गए हमलों को भी शामिल किया गया है। यदि यह हमला किसी गठबंधन के सदस्य देश द्वारा होता है, तो मॉस्को इसे पूरे गठबंधन का संयुक्त हमला मानेगा। इसका सीधा अर्थ है कि अगर अमेरिकी हथियार रूस पर इस्तेमाल होते हैं, तो रूस इसके लिए पूरे NATO को जिम्मेदार ठहराएगा।
अमेरिकी फैसले के खिलाफ कदम
रूस का यह सख्त कदम अमेरिका द्वारा यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों के इस्तेमाल की अनुमति देने के बाद उठाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के इस फैसले ने मॉस्को को भड़का दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस फैसले को तनाव बढ़ाने वाला बताते हुए कहा कि यह पश्चिमी देशों के साथ संबंधों में नई चुनौती लाएगा। रूस इसे अपनी सुरक्षा के खिलाफ गंभीर खतरा मान रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति की चेतावनी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने हाल ही में कहा था कि रूस पर हमला करने से पहले कोई चेतावनी नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "हमारे रॉकेट बोलेंगे, शब्द नहीं।" यह बयान रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव को और गहराता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन की नई परमाणु नीति पश्चिमी देशों को अपनी रणनीतियों पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर सकती है।