दौसा–गंगापुर सिटी रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण में तेजी आई है। 143 करोड़ की इस परियोजना से इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलेंगी, समय व ईंधन की बचत होगी और क्षेत्र के उद्योग, व्यापार व किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।
Rajasthan: दौसा जिले के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे दौसा–गंगापुर सिटी रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण कार्य ने अब रफ्तार पकड़ ली है। यह काम करीब डेढ़ साल पहले शुरू किया गया था। उत्तर पश्चिम रेलवे ने इसे अपनी प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल किया है, जिसके चलते अब कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। रेलवे ने इस योजना को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन जिस गति से काम चल रहा है, उससे इसके जनवरी या फरवरी 2026 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।
143 करोड़ की योजना
रेलवे इस पूरे विद्युतीकरण प्रोजेक्ट पर करीब 143 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। योजना पूरी होने के बाद दौसा से गंगापुर सिटी के बीच यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों का संचालन भी इलेक्ट्रिक इंजन से किया जाएगा। इससे डीजल इंजन पर निर्भरता कम होगी और रेलवे की ईंधन लागत में भी बड़ी बचत होगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रैक पर ट्रेन संचालन शुरू होते ही विद्युतीकरण की तैयारी कर ली गई थी। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार को काम सौंपा गया और अब इसका बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है।
सलेमपुरा तक काम पूरा
अब तक दौसा से सलेमपुरा-अरण्या रेलवे स्टेशन तक पोल लगाने और ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने का कार्य पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में सलेमपुरा से लालसोट के बीच काम तेजी से चल रहा है। रेलवे का कहना है कि आने वाले महीनों में इस हिस्से का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।

स्थानीय लोगों का मानना है कि विद्युतीकरण के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और यात्रा अधिक आरामदायक हो जाएगी। साथ ही, ट्रेनों की समय पर आवाजाही में भी सुधार होगा।
उद्योग और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
दौसा–गंगापुर सिटी रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण के बाद यह मार्ग देश के प्रमुख और व्यस्त रेल कॉरिडोर दिल्ली–अहमदाबाद और दिल्ली–मुंबई से सीधे जुड़ जाएगा। इससे न केवल रेलवे नेटवर्क मजबूत होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। विद्युतीकरण के बाद इस रूट से लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन आसान हो जाएगा, जिससे यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा और यात्रा समय कम होगा।
किसानों और रेलवे दोनों को होगा फायदा
रेलवे ने बनियाना स्टेशन पर माल ढुलाई के लिए एक बड़ा यार्ड तैयार किया है। इसके अलावा लालसोट और मंडावरी की प्रमुख कृषि उपज मंडियों को ध्यान में रखते हुए कृषि उत्पादों की माल ढुलाई बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। रेलवे अधिकारी लगातार व्यापारियों और उद्यमियों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि इस रूट से अधिक से अधिक माल परिवहन हो सके।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद पंजाब, हरियाणा, अलवर, दौसा, गंगापुर सिटी, कोटा, इंदौर, भोपाल, नागपुर, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों को जोड़ने वाली कई ट्रेनें इसी मार्ग से चलाई जा सकेंगी। इससे जयपुर होकर घूमकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, समय और दूरी दोनों कम होंगे। कुल मिलाकर, यह विद्युतीकरण परियोजना क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाने वाली साबित होगी।












