उत्तराखंड में शनिवार 19 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि मौजूद रहेंगे। दोनों अधिकारियों के अलग-अलग कार्यक्रम निर्धारित हैं। अजीत डोभाल रुड़की स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT रुड़की) के दो दिवसीय दीक्षांत समारोह के पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के साथ उनका लैंसडौन का सैन्य कार्यक्रम भी निर्धारित है।
IIT रुड़की का दीक्षांत समारोह 19 और 20 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। संस्थान की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस बार कुल 2,701 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। 19 सितंबर को स्नातक विद्यार्थियों को डिग्री दी जाएगी, जबकि 20 सितंबर को स्नातकोत्तर और पीएचडी विद्यार्थियों के लिए समारोह आयोजित होगा।
पहले दिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल मुख्य अतिथि के तौर पर समारोह को संबोधित करेंगे। जनरल एनएस राजा सुब्रमणि भी विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
IIT रुड़की प्रशासन ने दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी कर ली हैं। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर केके पंत ने प्रेसवार्ता में समारोह की जानकारी साझा की थी। उन्होंने बताया कि दो दिनों तक चलने वाले आयोजन में विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। पहले दिन का कार्यक्रम विशेष रूप से स्नातक विद्यार्थियों के लिए रखा गया है। समारोह में विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और संस्थान के पूर्व छात्र भी शामिल होंगे।
20 सितंबर को स्नातकोत्तर और पीएचडी विद्यार्थियों को डिग्रियां दी जाएंगी। उस दिन हीरो मोटोकॉर्प के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्षवर्धन चितले मुख्य अतिथि होंगे। ऑयलमैक्स एनर्जी के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक और एशियन एनर्जी सर्विसेज के प्रबंध निदेशक डॉ. कपिल गर्ग विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
IIT रुड़की बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष और पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
IIT रुड़की में अजीत डोभाल की मौजूदगी को लेकर विद्यार्थियों में भी उत्साह है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में डोभाल देश की सुरक्षा व्यवस्था और रणनीतिक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर हैं। दीक्षांत समारोह में उनका संबोधन विद्यार्थियों के लिए अवसर होगा। समारोह के दौरान वे विद्यार्थियों को शिक्षा के बाद देश और समाज के सामने मौजूद चुनौतियों, जिम्मेदारियों और अपने क्षेत्र में योगदान को लेकर संबोधित कर सकते हैं। हालांकि उनके भाषण की विस्तृत विषयवस्तु कार्यक्रम से पहले सार्वजनिक नहीं की गई है।
लैंसडौन में अजीत डोभाल और CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के आगमन को लेकर सैन्य क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अधिकारी शनिवार दोपहर बाद लैंसडौन पहुंचेंगे। उनके कार्यक्रम सैन्य क्षेत्र के भीतर रखे गए हैं और सेना पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
दोनों अधिकारियों के लैंसडौन पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर का कार्यक्रम तय बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम साफ रहने की स्थिति में हेलीकॉप्टर से लैंसडौन पहुंचने की योजना है। मौसम खराब होने पर हेलीकॉप्टर कोटद्वार स्थित विक्टोरिया क्रॉस विजेता गबर सिंह कैंप में उतारा जा सकता है। इसके बाद सड़क मार्ग से अधिकारियों को लैंसडौन ले जाने की वैकल्पिक व्यवस्था रखी गई है।
लैंसडौन में कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और सेना की ओर से सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। सैन्य क्षेत्र में प्रवेश और आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी कार्यक्रम स्थल और आसपास की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों के कार्यक्रम सैन्य क्षेत्र के भीतर होने के कारण आम लोगों के लिए उनसे मुलाकात का अवसर नहीं होगा।
लैंसडौन पहुंचने से पहले गढ़वाल राइफल्स और गढ़वाल स्काउट्स के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा भी वहां पहुंच चुके हैं। उन्होंने कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी के साथ कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस अधिकारियों की ब्रीफिंग भी प्रस्तावित थी, जिसके बाद सुरक्षा बलों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया जाना था।
जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने 31 मई 2026 को भारत के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में पदभार संभाला था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने सशस्त्र सेनाओं में संयुक्तता, एकीकरण और तालमेल को आगे बढ़ाने तथा स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के विकास और आधुनिकीकरण पर जोर देने की बात कही थी।
जनरल सुब्रमणि का सैन्य करियर गढ़वाल राइफल्स से जुड़ा रहा है। रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उन्हें दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला था। उन्होंने 2 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। CDS बनने से पहले वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के पद पर भी रहे।
एक ही दिन उत्तराखंड में NSA और CDS की मौजूदगी को देखते हुए रुड़की और लैंसडौन दोनों जगह सुरक्षा तथा प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। रुड़की में IIT के दीक्षांत समारोह को व्यवस्थित ढंग से कराने और विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम सुचारु रखने पर ध्यान है, जबकि लैंसडौन में सैन्य कार्यक्रम के कारण सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में 2,701 विद्यार्थियों को दो दिनों में डिग्रियां प्रदान की जानी हैं। पहले दिन स्नातक विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी और इसी कार्यक्रम में अजीत डोभाल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। संस्थान की ओर से समारोह को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी होने की जानकारी दी गई है।
वहीं लैंसडौन में NSA और CDS की मौजूदगी का कार्यक्रम सैन्य क्षेत्र से जुड़ा है। सुरक्षा कारणों से यहां आम लोगों की आवाजाही और कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सीमित रखी जाएगी। पुलिस, सेना और प्रशासन के अधिकारी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। मौसम को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टर के साथ वैकल्पिक सड़क मार्ग की व्यवस्था भी तैयार रखी गई है।
शनिवार को उत्तराखंड में एक ओर IIT रुड़की का दीक्षांत समारोह होगा, जिसमें 2,701 विद्यार्थियों को उनकी डिग्रियां प्रदान की जाएंगी, वहीं दूसरी ओर लैंसडौन में देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दो शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में सैन्य कार्यक्रम होगा। दोनों कार्यक्रमों को लेकर संबंधित प्रशासन और संस्थानों की ओर से व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।










