मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने वाला है। 2001 में लागू दो-बच्चों की पाबंदी को हटाने का प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जाएगा। इससे लगभग 30 हजार टीचर्स और अन्य सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलेगी। अब तीसरी संतान होने पर नौकरी जाने का डर नहीं रहेगा और लंबित मामलों का निपटारा भी संभव होगा।
सरकारी नौकरी में बदलाव: मध्य प्रदेश सरकार दो-बच्चों की पाबंदी हटाने जा रही है, जिससे सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलेगी। यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा। सरकारी नियम 2001 में लागू हुए थे, जिसमें दो से ज्यादा बच्चे होने पर नौकरी से हटाने का प्रावधान था। अब बदलाव से लगभग 30 हजार टीचर्स और अन्य विभागों के कर्मचारियों को सुरक्षा और कानूनी विवाद से मुक्ति मिलेगी। यह कदम स्कूल शिक्षा, हायर एजुकेशन और स्वास्थ्य विभाग पर सबसे ज्यादा असर डालेगा।
दो-बच्चों वाला नियम क्या था?
साल 2001 में लागू हुए सिविल सेवा नियमों के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए दो से ज्यादा बच्चे होने पर नौकरी से हटाने जैसी कार्रवाई की जा सकती थी। इसका मकसद उस समय जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देना था।
हालांकि, पिछले वर्षों में इस नियम को लेकर सवाल उठने लगे। इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ माना गया और घटती जनसंख्या दर के कारण इस नियम को हटाने की प्रक्रिया तेज हुई।

कर्मचारियों और विभागों को मिलने वाला फायदा
इस बदलाव से करीब 30 हजार टीचर्स समेत कई सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलेगी। अब उन्हें नौकरी जाने का डर नहीं रहेगा। लंबित मामलों को भी जल्द सुलझाया जा सकेगा।
सबसे ज्यादा असर स्कूल शिक्षा, हायर एजुकेशन और स्वास्थ्य विभाग में देखा जाएगा। इन विभागों में लंबे समय से पेंडिंग मामले इस बदलाव के बाद खत्म होने की संभावना है।










