असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भाजपा फिर से सत्ता में आती है, तो राज्य की पांच लाख बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया जाएगा।
नई दिल्ली: असम में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आगामी चुनावों के लिए प्रचार तेज करते हुए एक बड़ा चुनावी दांव खेला है। गुरुवार को बजाली में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोबारा सत्ता में आती है, तो राज्य की 5 लाख बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया जाएगा।
इस घोषणा का मकसद न केवल भूमि विवादों को सुलझाना है, बल्कि जनता के बीच पार्टी की छवि को मजबूत करना और आगामी चुनावों में समर्थन बढ़ाना भी बताया जा रहा है।
पिछले पांच वर्षों में अतिक्रमण नियंत्रण
हिमंता सरमा ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में अतिक्रमणकारियों के प्रभुत्व को काफी हद तक कम किया गया है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस अवधि में 1.5 लाख बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, "अगले पांच वर्षों में हमारा लक्ष्य पांच लाख बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करना है।" उन्होंने उन अतिक्रमणकारियों का भी जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने ‘मिया’ समुदाय से संबंधित बताया, और कहा कि उनका अभियान मुख्य रूप से स्वदेशी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
स्वदेशी लोगों के अधिकार की रक्षा
हिमंता सरमा ने यह भी स्पष्ट किया कि असम में भूमि पर केवल स्वदेशी लोगों का ही अधिकार होगा। उन्होंने कहा, "भाजपा ‘जाति, माटी और भेटी’ यानी लोग, भूमि और आधार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम किसी को भी इसके खिलाफ काम नहीं करने देंगे।" उन्होंने अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का ऐलान किया और कहा कि यह असम की मूल आबादी के अस्तित्व की रक्षा के लिए आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गोगोई का 'नया ग्रेटर असम' का मॉडल अस्वीकार्य है, क्योंकि यह अप्रत्यक्ष रूप से बांग्लादेशी प्रवासियों और राज्य के मूल लोगों के एक साथ रहने का सुझाव देता है। सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और गोगोई हमेशा स्वदेशी असमिया लोगों की तुलना में ‘मिया’ समुदाय को अधिक महत्व देते रहे हैं।

चुनावी रणनीति और सहयोगी पार्टियों का समर्थन
हिमंता सरमा ने मतदाताओं से असम गण परिषद (अगप) के उम्मीदवार धर्मेश्वर रॉय का समर्थन करने की अपील की और भाजपा के साथ अगप के गठबंधन को अटूट बताया। इसके अलावा उन्होंने बारपेटा निर्वाचन क्षेत्र में अगप उम्मीदवार दीपक कुमार दास के लिए भी प्रचार किया। असम में 126 सदस्यीय विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को आयोजित होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। यह चुनाव राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री का चुनावी संदेश स्पष्ट है: असम की जमीन और संसाधनों पर स्वदेशी लोगों का अधिकार सर्वोपरि होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रशासन ने पिछले कार्यकाल में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए हैं और आगामी कार्यकाल में इसे और तेज किया जाएगा।











