भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित दो-दिवसीय एयर शो, जो 27 और 28 मार्च के लिए निर्धारित था, आज सुखना लेक पर शुरू हो गया है। इस शानदार इवेंट में सूर्य किरण एरोबैटिक टीम झील के ऊपर शानदार हवाई प्रदर्शन कर रही है।
चंडीगढ़: भारतीय वायु सेना (IAF) का दो दिवसीय भव्य एयर शो आज, 27 मार्च से शुरू हो गया है। यह एयर शो सुखना लेक के ऊपर आयोजित किया गया है और इसमें ‘सूर्य किरण’ एरोबैटिक टीम के शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ सुखोई और राफेल जैसे एडवांस लड़ाकू विमानों की भी झलक देखने को मिल रही है। एयर शो का यह आयोजन 28 मार्च तक जारी रहेगा और यह वायु सेना की क्षमताओं, एडवांस टेक्नोलॉजी और एरोबैटिक कौशल को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर है।
सुखना लेक पर विशेष हवाई प्रदर्शन
‘सूर्य किरण’ टीम इस एयर शो में विभिन्न एरोबैटिक स्टंट कर रही है, जिसमें विमानों के हाई-स्पीड चक्र, फॉर्मेशन फ्लाइट और स्टंट फ्लाइंग शामिल हैं। सुखोई और राफेल जैसे लड़ाकू विमानों ने इस कार्यक्रम को और भी रोमांचक बना दिया है। दर्शक सुखना लेक के ऊपर इन विमानों के तेज उड़ान प्रदर्शन और एडवांस एरोबैटिक्स का आनंद ले रहे हैं।
एयर शो के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने और विज़िटर्स के लिए सुचारू संचालन बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सुखना लेक के आसपास के क्षेत्रों को 26 मार्च से 28 मार्च दोपहर तक आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात पर प्रतिबंध लागू किया गया है।
यातायात पुलिस ने बताया कि दोनों दिन, सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक झील के आसपास वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही दर्शकों की सुविधा के लिए शटल बस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है। आगंतुकों को एयर शो स्थल तक पहुंचने के लिए निर्धारित पिकअप पॉइंट्स का उपयोग करना होगा।

एयर शो का उद्देश्य
भारतीय वायु सेना का यह एयर शो केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह वायु सेना की तकनीकी क्षमताओं और आधुनिक युद्धकौशल को जनता के सामने लाने का अवसर भी है। एयर शो में उपस्थित लोगों को सुखोई, राफेल और अन्य लड़ाकू विमानों की विशेषताएं, उनकी गति और एरोबैटिक क्षमता का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
इस एयर शो में IAF के विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी भी लगी है, जहां एयरक्राफ्ट टेक्नोलॉजी, हथियार प्रणाली और अन्य एडवांस उपकरणों के बारे में जानकारी दी जा रही है। युवा और बच्चों के लिए यह एक प्रेरक अनुभव भी साबित हो रहा है, जिससे उन्हें एयर फोर्स और उन्नत तकनीक के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है।









