तुर्की के अंताल्या में हुए Archery World Cup Stage 3 में भारत ने बड़ा इतिहास रच दिया है। रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में भारतीय जोड़ी Dhiraj Bommadevara और युवा Kumkum Mohod ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय तीरंदाजी के लिए एक ऐतिहासिक दिन तब बना जब धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की युवा जोड़ी ने आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में ओलंपिक चैंपियन साउथ कोरिया की मजबूत टीम को 5-1 से हराकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की।
इस जीत के साथ भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि वह तीरंदाजी जैसे तकनीकी और मानसिक दबाव वाले खेल में भी विश्व की शीर्ष टीमों को चुनौती देने में सक्षम है।
ओलंपिक चैंपियंस के खिलाफ शानदार जीत
फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी का सामना साउथ कोरिया की अनुभवी टीम ओह ये जिन और किम जे देओक से हुआ, जिन्हें दुनिया की सबसे मजबूत तीरंदाजी जोड़ियों में से एक माना जाता है। लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास और सटीक निशाने के दम पर मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया।भारतीय जोड़ी ने सेट्स में 5-1 (37-36, 37-36, 39-39) से जीत दर्ज की। मुकाबला बेहद करीबी रहा, लेकिन निर्णायक क्षणों में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और बढ़त हासिल की।
धीरज का आखिरी शॉट बना जीत की गारंटी
फाइनल मुकाबले में दबाव के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। खासकर धीरज बोम्मादेवरा ने अंतिम चरण में शानदार नियंत्रण दिखाया और अपने आखिरी दो शॉट में परफेक्ट 10 का स्कोर किया, जिससे भारत की जीत लगभग सुनिश्चित हो गई। कुमकुम मोहोद ने भी पूरे मुकाबले में स्थिर प्रदर्शन किया और ओलंपिक चैंपियन टीम के खिलाफ किसी भी तरह की गलती नहीं की। दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल इस जीत की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ।
यह धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद दोनों के करियर का पहला विश्व कप स्वर्ण पदक है, जो उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे पहले कुमकुम मोहोद महिला रिकर्व टीम का हिस्सा रह चुकी हैं, जिसने शंघाई विश्व कप स्टेज-2 में स्वर्ण पदक जीता था। भारत ने इससे पहले रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में आखिरी बार 2022 में अंताल्या में ही स्वर्ण पदक जीता था, जब रिधि फोर और तरुणदीप राय की जोड़ी ने ब्रिटेन को हराया था। ऐसे में यह जीत भारत के लिए इस इवेंट में लंबे अंतराल के बाद एक और ऐतिहासिक उपलब्धि बन गई है।
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धीरज बोम्मादेवरा का लगातार बढ़ता प्रदर्शन
धीरज बोम्मादेवरा, जो वर्तमान में विश्व रैंकिंग में 16वें स्थान पर हैं, भारत के शीर्ष रिकर्व तीरंदाजों में से एक हैं। उन्होंने पिछले वर्षों में भी मिश्रित टीम इवेंट में लगातार सफलता हासिल की है। 2024 में उन्होंने अंकिता भक्त के साथ और 2025 में भजन कौर के साथ कांस्य पदक जीते थे। अब कुमकुम मोहोद के साथ स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
युवा कुमकुम मोहोद की बढ़ती पहचान
कुमकुम मोहोद ने इस जीत के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा को मजबूती से स्थापित किया है। उनका निडर रवैया और आत्मविश्वास भारतीय टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हुआ। फाइनल मुकाबले में उन्होंने दबाव को अच्छी तरह संभाला और लगातार सटीक निशाने लगाए। धीरज ने भी मैच के बाद कुमकुम की तारीफ करते हुए कहा कि उनका निडर रवैया टीम को प्रेरित करता है और वह हर स्थिति में आत्मविश्वास के साथ खेलती हैं।
यह जीत केवल एक स्वर्ण पदक नहीं, बल्कि भारत की तीरंदाजी में बढ़ती ताकत का प्रतीक है। ओलंपिक चैंपियन टीम को हराना भारतीय खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और तैयारी को दर्शाता है। कोचिंग सिस्टम, युवा प्रतिभाओं के विकास और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के संयोजन ने भारत को इस स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।










