सीएम योगी आदित्यनाथ ने SP पर हमला करते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में हंगामा संवैधानिक पद का अपमान है। उन्होंने यूपी की विकास यात्रा, महिला सशक्तिकरण और धार्मिक आयोजनों में उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।
UP Politics: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बजट सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी (SP) पर तीखा हमला किया। यह हमला राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान हुई हंगामेबाजी को लेकर किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे न केवल संवैधानिक पद का अपमान बताया, बल्कि महिलाओं की गरिमा के खिलाफ भी कहा। योगी ने कहा कि राज्यपाल का संबोधन सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना को दर्शाता है। ऐसे संवैधानिक मौके पर विपक्ष का आचरण अत्यंत निंदनीय है।
लोकतंत्र का सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख हैं और विपक्ष का यह व्यवहार लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों और संवैधानिक पदों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। योगी ने साफ किया कि जब विपक्ष ही इस सम्मान का उल्लंघन करता है, तो उनसे सही आचरण की उम्मीद करना व्यर्थ है।
पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियां

योगी आदित्यनाथ ने राज्य की विकास यात्रा को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में अपनी दिशा बदलकर राजस्व घाटे से राजस्व अधिशेष की ओर कदम बढ़ाया है। राज्य में कानून-व्यवस्था कायम है और पुलिस भर्ती की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए योजनाएं, आधुनिक पुलिस व्यवस्था और साइबर एवं फोरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है।
धार्मिक और सांस्कृतिक घटनाओं में विकास
मुख्यमंत्री ने माघ मेले, कांवड़ यात्रा, राम मंदिर और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसी धार्मिक गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य में धार्मिक आयोजनों और त्योहारों से जुड़ी अर्थव्यवस्था फल-फूल रही है। 2017 से उत्तर प्रदेश में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है।
धार्मिक प्रतीकों का अपमान का आरोप
योगी ने समाजवादी पार्टी पर राष्ट्रीय नायकों और धार्मिक परंपराओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि SP ने 'गाजी का मेला' का समर्थन किया और कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया। पार्टी ने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का विरोध किया और राम भक्तों पर गोली चलाने का आरोप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगान का अपमान संविधान का उल्लंघन है।










