Abhijeet Dipke on UAPA NSA: गिरफ्तारी के दावे पर बोले अभिजीत दीपके, 'डराने से आंदोलन नहीं रुकेगा'

CJP नेता अभिजीत दीपके ने संभावित गिरफ्तारी के दावों पर कहा कि UAPA, NSA या जेल का डर उन्हें आंदोलन से पीछे नहीं हटाएगा। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध जारी रखने की

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें डराने की कोशिश न की जाए। CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि सरकार अभिजीत दीपके, रत्ना सिंह समेत पार्टी के अन्य नेताओं को गिरफ्तार करने की योजना बना रही है।

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि कथित गिरफ्तारी की धमकी से उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि सरकार अभिजीत दीपके, अशुतोष रांका, रत्ना सिंह और अन्य नेताओं को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में सार्वजनिक तौर पर कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है और सरकार की ओर से भी ऐसी किसी गिरफ्तारी योजना की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

दीपके ने कहा कि अगर UAPA, NSA या जेल जाने का डर दिखाकर उन्हें और उनके साथियों को चुप कराने की कोशिश की जाती है, तो वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने खुद को किसी भी कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार बताते हुए कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से जारी रहेगा।

अभिजीत दीपके ने क्या कहा?

दीपके का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक अधिकारों और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की मांग को सामने रखना है। उनका दावा है कि नेताओं की गिरफ्तारी या दबाव की कार्रवाई से समर्थकों की आवाज खत्म नहीं होगी। उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए शांतिपूर्ण विरोध जारी रखने की बात कही।

उनका यह बयान CJP की ओर से दिल्ली में प्रस्तावित 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले आया है। संगठन ने कहा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा और चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता के समर्थन में नागरिकों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है।

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी

CJP ने घोषणा की है कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। यह घोषणा मुंबई में 2 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के बाद की गई थी। संगठन विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठा रहा है और इसी मुद्दे पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

दीपके ने पहले भी 10 अक्टूबर को दिल्ली में व्यापक जुटान की बात कही थी। CJP इसे अपने आंदोलन का अगला बड़ा चरण बता रहा है। इसी बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में चुनाव आयोग और SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं।

गिरफ्तारी की आशंका का दावा किसने किया?

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि सरकार उन्हें और संगठन के अन्य प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई आंदोलन को दबाने में सफल नहीं होगी और समर्थकों से विरोध जारी रखने की अपील की। दास ने यह भी कहा कि संगठन के नेता जेल जाने जैसी परिस्थितियों के लिए तैयार हैं।

वहीं, कुछ रिपोर्टों के अनुसार CJP के नेताओं को NSA या UAPA जैसे सख्त कानूनों के तहत गिरफ्तार किए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, यह अभी नेताओं की ओर से व्यक्त की गई आशंका है, न कि सरकार द्वारा घोषित कोई कार्रवाई।

Leave a comment