आगरा की सिकंदरा फल मंडी में आढ़ती की दुकान से हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है। चालक ने पिता के साथ मिलकर वारदात की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर 40.25 लाख रुपये बरामद किए हैं।
आगरा: सिकंदरा फल मंडी में आढ़ती हाजी नसीम की दुकान से हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने उनके चालक शिशुपाल और उसके पिता वीरेंद्र को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि चालक को दुकान में रखी रकम की जानकारी थी और मालिक की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपितों के पास से 40.25 लाख रुपये बरामद किए हैं।
मालिक की गैरमौजूदगी में वारदात को दिया अंजाम
पुलिस जांच के मुताबिक, आढ़ती हाजी नसीम कारोबार के सिलसिले में शहर से बाहर गए थे। चालक शिशुपाल को इसकी जानकारी थी कि मालिक कई दिनों तक आढ़त पर मौजूद नहीं रहेंगे। इसी का फायदा उठाकर उसने चोरी की योजना बनाई।
शिशुपाल 31 जुलाई की रात अपने पिता वीरेंद्र को साथ लेकर सिकंदरा फल मंडी पहुंचा। दोनों खेत की तरफ से मंडी में दाखिल हुए। इसके बाद दुकान के पिछले हिस्से में लगे जंगले को उखाड़कर अंदर प्रवेश किया गया। चालक को पहले से पता था कि दुकान में रकम कहां रखी जाती है।
दोनों रुपये लेकर उसी रास्ते से बाहर निकल गए। चोरी की रकम को सूटकेस में रखकर ले जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।
मोबाइल लोकेशन और आईफोन खरीदने से खुला राज
पांच अगस्त को आढ़ती ने दुकान से रकम चोरी होने की जानकारी पुलिस को दी। शुरुआती जांच में पुलिस ने कर्मचारियों पर भी शक जताया और दुकान के आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू की।
इसके साथ ही कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन भी खंगाली गई। जांच में शिशुपाल की लोकेशन 31 जुलाई की रात सिकंदरा मंडी के आसपास मिली।
पुलिस को यह भी पता चला कि उसने हाल ही में आईफोन खरीदा था। इन दोनों तथ्यों के आधार पर पुलिस का शक उस पर गहरा गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने पिता के साथ मिलकर चोरी करने की बात स्वीकार कर ली।
40.25 लाख रुपये बरामद, चोरी की रकम का आंकड़ा बदला
पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर 40.25 लाख रुपये बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल ऑटो और सूटकेस भी पुलिस ने कब्जे में लिया है।
शुरुआत में आढ़ती ने दुकान से करीब एक करोड़ रुपये चोरी होने की जानकारी दी थी। हालांकि, पुलिस की जांच और बाद में पार्टियों से रकम के मिलान के बाद चोरी की वास्तविक रकम करीब 55 लाख रुपये सामने आई।
आढ़ती के अनुसार अलग-अलग पार्टियों से रकम आने के कारण शुरुआती अनुमान एक करोड़ रुपये का था। बाद में हिसाब-किताब और रकम की गिनती के बाद चोरी की रकम करीब 55 लाख रुपये बताई गई।
पुलिस के अनुसार, चोरी की बाकी रकम आरोपितों ने आईफोन समेत अन्य सामान खरीदने और दूसरे खर्चों में इस्तेमाल कर दी। मामले में आगे की जांच जारी है।










