आगरा में कुत्तों के झुंड ने बच्चे को 10 जगह नोचा, पार्क में खेलते समय हमला; दादी ने डंडा मारकर बचाया

आगरा के पार्क में खेल रहे बच्चे पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्ते उसे 3 मीटर तक घसीट ले गए, दादी ने डंडे से बचाया।
आगरा में कुत्तों के झुंड ने बच्चे को 10 जगह नोचा, पार्क में खेलते समय हमला; दादी ने डंडा मारकर बचाया
Photo Credit / Attribution: Google

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में पार्क में खेल रहे एक मासूम बच्चे पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। अचानक कई कुत्तों ने बच्चे को घेर लिया और उसके शरीर पर कई जगह काट लिया। हमले के दौरान कुत्ते बच्चे को करीब तीन मीटर तक घसीटते हुए ले गए। बच्चे के चीखने की आवाज सुनकर उसकी दादी मौके पर पहुंचीं और डंडे से कुत्तों को भगाकर बच्चे को उनके चंगुल से छुड़ाया। हमले में बच्चे के शरीर पर करीब 10 जगह चोट और काटने के निशान बताए गए हैं। घटना के बाद बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

बताया गया कि बच्चा अपने परिवार के साथ पार्क में गया था। वह पार्क में अन्य बच्चों की तरह खेल रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया। बच्चे को संभलने का मौका भी नहीं मिला और कुत्तों ने उस पर हमला शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से बच्चा घबरा गया और मदद के लिए चीखने लगा। कुत्तों ने उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों को काट लिया और उसे कुछ दूरी तक खींचते हुए ले गए।

बच्चे की चीख सुनकर उसकी दादी दौड़कर मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बिना देर किए डंडे की मदद से कुत्तों को भगाने की कोशिश की। दादी के पहुंचने और लगातार डंडा चलाने के बाद कुत्ते पीछे हटे और बच्चा उनके कब्जे से बाहर निकल सका। अगर परिवार का कोई सदस्य समय पर मौके पर नहीं पहुंचता तो हमला और गंभीर हो सकता था।

परिजन बच्चे को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसके शरीर पर हुए जख्मों की जांच की। कुत्तों के काटने से बच्चे के शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं। उसे एंटी-रेबीज वैक्सीन और आवश्यक उपचार दिए जाने की जरूरत बताई गई। डॉक्टरों ने परिवार को आगे की वैक्सीनेशन प्रक्रिया और घावों की देखभाल के संबंध में जरूरी सलाह दी।

घटना के बाद परिवार में काफी डर का माहौल है। परिजनों का कहना है कि जिस पार्क में बच्चे पर हमला हुआ, वहां आवारा कुत्तों की संख्या पहले से ही अधिक है। पार्क में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं नियमित रूप से आते हैं। ऐसे में कुत्तों के झुंड का खुलेआम घूमना लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों को लेकर नगर निगम से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कुत्तों के झुंड अक्सर पार्क और आसपास की गलियों में घूमते रहते हैं। कई बार ये कुत्ते राहगीरों के पीछे दौड़ते हैं और दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशान करते हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अब बच्चे पर हुए हमले के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

घटना ने एक बार फिर शहरों में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और बच्चों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। पार्क जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों के खेलने के दौरान अभिभावकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। कुत्तों का झुंड यदि किसी बच्चे को घेर ले तो स्थिति कुछ ही सेकंड में गंभीर हो सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और नगर निकाय की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कुत्ते के काटने या गहरे खरोंच लगने की स्थिति में घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए और जल्द से जल्द चिकित्सा केंद्र में जाकर रेबीज से बचाव के लिए चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। खासकर बच्चों के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही खतरनाक हो सकती है। परिवार को डॉक्टर द्वारा बताई गई वैक्सीन की पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी करनी चाहिए।

बच्चे पर हुए इस हमले के बाद स्थानीय लोगों ने पार्क और उसके आसपास आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सिर्फ घटना के बाद कुत्तों को हटाने के बजाय उनकी संख्या नियंत्रित करने और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित व्यवस्था जरूरी है।

नगर निगम और संबंधित विभागों के सामने चुनौती यह है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान लोगों की सुरक्षा और पशु कल्याण से जुड़े नियमों के अनुरूप किया जाए। इसके लिए नसबंदी, टीकाकरण, कुत्तों की निगरानी और संवेदनशील इलाकों में आवश्यक नियंत्रण जैसे उपायों पर प्रभावी तरीके से काम करना जरूरी है।

परिवार के लिए राहत की बात यह रही कि दादी ने समय रहते बच्चे को कुत्तों से छुड़ा लिया। हमले के बाद बच्चा डरा हुआ है और परिवार भी घटना को लेकर चिंतित है। परिजन चाहते हैं कि पार्क में आने वाले अन्य बच्चों के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो और प्रशासन इलाके में घूम रहे आवारा कुत्तों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए।

यह घटना आगरा में बच्चों के लिए सुरक्षित सार्वजनिक स्थानों की जरूरत को भी सामने लाती है। पार्क में खेलने के लिए आने वाले बच्चों और उनके परिवारों को यह भरोसा होना चाहिए कि वहां उन्हें आवारा पशुओं के हमले का खतरा नहीं रहेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को पार्कों का नियमित निरीक्षण करना चाहिए और जहां आवारा कुत्तों के झुंड की समस्या है, वहां तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

फिलहाल घायल बच्चे का इलाज कराया जा रहा है और परिवार उसकी स्थिति पर नजर रख रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पार्क तथा आसपास के इलाके में आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे को इस तरह के हमले का शिकार न होना पड़े।

Leave a comment