अमेरिका की एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि AI Automation का असर महिलाओं की नौकरियों पर ज्यादा पड़ सकता है। रिपोर्ट में Gender Bias, workplace judgment और AI-based deepfake जैसे जोखिमों को लेकर भी चिंता जताई गई है।
United States:Artificial Intelligence के बढ़ते इस्तेमाल के बीच एक नई स्टडी ने महिलाओं की नौकरियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। National Partnership for Women & Families की रिपोर्ट के मुताबिक कई ऐसी नौकरियां, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी ज्यादा है, AI Automation से सबसे अधिक प्रभावित हो सकती हैं। अध्ययन में workplace bias और AI-driven deepfake जैसे खतरों पर भी ध्यान दिलाया गया है।
Administrative Jobs पर AI Automation का सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं की बड़ी संख्या उन क्षेत्रों में काम करती है जहां repetitive और administrative tasks ज्यादा होते हैं। इनमें secretary, office clerk, receptionist और insurance agent जैसी नौकरियां शामिल हैं। अध्ययन में कहा गया कि अमेरिकी workforce में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 47 प्रतिशत है, लेकिन AI से सबसे ज्यादा प्रभावित मानी जा रही 15 नौकरियों में करीब 83 प्रतिशत कर्मचारी महिलाएं हैं।

Generative AI अब scheduling, document management, customer handling और data processing जैसे कई काम तेजी से और कम लागत में करने लगा है। इसी वजह से कंपनियां automation की तरफ तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे पारंपरिक administrative roles पर दबाव बढ़ सकता है।
Skill Gap और Workplace Changes ने बढ़ाई चिंता
स्टडी में कहा गया है कि कई कर्मचारियों के पास नई technology के अनुसार खुद को जल्दी adapt करने के लिए पर्याप्त resources या training opportunities नहीं हैं। इससे महिलाओं के लिए career transition ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
हालांकि healthcare और caregiving sectors को फिलहाल comparatively safer माना गया है। Nursing, childcare और home healthcare जैसे क्षेत्रों में emotional understanding और human interaction की जरूरत होती है, जिन्हें AI पूरी तरह replace नहीं कर पा रहा। इसके बावजूद इन सेक्टर्स में AI-based monitoring systems का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
AI Systems में Gender Bias का भी खतरा
रिपोर्ट में AI development में महिलाओं की कम भागीदारी को भी बड़ी चिंता बताया गया है। अध्ययन के अनुसार यदि AI systems को सीमित diversity वाले datasets और leadership के साथ तैयार किया जाएगा, तो उनमें पहले से मौजूद सामाजिक पक्षपात शामिल होने का खतरा बढ़ सकता है।
एक प्रयोग के दौरान पुरुष और महिला नाम वाले समान resumes का AI-assisted evaluation किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि पुरुष उम्मीदवारों को अपेक्षाकृत बेहतर ratings मिलीं। इससे यह चिंता बढ़ रही है कि AI tools कहीं workplace में मौजूद पुराने भेदभाव को और मजबूत तो नहीं बना रहे।
AI Tools इस्तेमाल करने पर महिलाओं को ज्यादा Judge किए जाने का दावा
अध्ययन में यह भी कहा गया कि professional settings में AI tools इस्तेमाल करने पर महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा कठोर तरीके से evaluate किया जा सकता है। Experiment में प्रतिभागियों को समान quality का काम दिखाया गया, लेकिन कुछ tasks को AI-assisted बताया गया।
जब लोगों को लगा कि किसी महिला ने AI की मदद ली है, तो उसकी capability को अधिक नकारात्मक तरीके से देखा गया। इससे workplace perception और performance evaluation को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
Deepfake और Online Abuse को लेकर बढ़ी चिंता
रिपोर्ट में AI-generated deepfake content और online abuse को भी बड़ा खतरा बताया गया है। AI tools की मदद से फोटो, वीडियो और आवाज में बदलाव कर fake content तैयार करना पहले से आसान हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका इस्तेमाल महिलाओं को निशाना बनाने और misinformation फैलाने के लिए किया जा सकता है।
हालांकि यह अध्ययन मुख्य रूप से अमेरिकी workforce पर आधारित है, लेकिन AI adoption की वैश्विक रफ्तार को देखते हुए इसके प्रभाव दूसरे देशों में भी दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है।









