नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट में ब्रिटिश डिप्टी पीएम डेविड लैमी और AI मिनिस्टर कनिष्क नारायण ने बताया कि AI तकनीक पब्लिक सर्विस, रोजगार और ग्लोबल ग्रोथ बढ़ाने में मदद कर सकती है।
AI Summit 2026: भारत की राजधानी नई दिल्ली में हो रहे AI इम्पैक्ट समिट को लेकर ब्रिटिश डिप्टी प्राइम मिनिस्टर डेविड लैमी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य यह दिखाना है कि AI केवल तकनीक नहीं बल्कि रोजगार, पब्लिक सर्विस और ग्लोबल ग्रोथ बढ़ाने का माध्यम भी बन सकता है।
समिट में ब्रिटेन की ओर से डेविड लैमी और AI मिनिस्टर कनिष्क नारायण लीडरशिप करेंगे। उनका फोकस यह बताना है कि AI डॉक्टरों को तेज डायग्नोसिस करने में, टीचर्स की लर्निंग को पर्सनलाइज करने में, काउंसिल्स को मिनटों में सेवाएं देने में और बिजनेस को बढ़ाने में कैसे मदद कर सकता है।
लैमी का बयान: AI के पूरे फायदे अनलॉक करने का मौका
डेविड लैमी ने समिट से पहले कहा, "यह समिट यह तय करने का अहम मौका है कि हम अपने इंटरनेशनल पार्टनर्स के साथ मिलकर AI के पूरे फायदे और पोटेंशियल को कैसे अनलॉक कर सकते हैं। साथ ही ऐसे मजबूत और फेयर सेफ्टी स्टैंडर्ड्स भी बनाए जा सकते हैं जो हम सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करें।"
ब्रिटिश डिपार्टमेंट फॉर साइंस, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी (DSIT) ने कहा कि भारत और ब्रिटेन 'नेचुरल टेक पार्टनर' हैं। इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और विप्रो जैसी बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियां पूरे UK में अपने ऑपरेशन बढ़ा रही हैं।
AI से सभी को मिलेगा लाभ

AI मिनिस्टर कनिष्क नारायण ने कहा कि AI हमारी पीढ़ी की खास टेक्नोलॉजी है और इसका लाभ सभी लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने बताया कि AI समय बचा सकता है, पब्लिक सर्विस को बदल सकता है, नई नौकरियां पैदा कर सकता है और मेहनती कम्युनिटीज को नई शुरुआत दे सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI के फायदे केवल कुछ लोगों के लिए रिजर्व नहीं किए जा सकते।
नारायण ने कहा कि ब्रिटेन AI के लिए ग्लोबल विजन को आगे बढ़ा रहा है जो हर जगह लोगों को ज्यादा सीखने, ज्यादा कमाने और अपनी शर्तों पर भविष्य बनाने में मदद करता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ब्रिटेन के लोग केवल AI को देखने वाले नहीं होंगे बल्कि AI बनाकर इसके सीधे फायदे भी उठा सकते हैं।
बेंगलुरु में टेक्नोलॉजी का अवलोकन
दिल्ली के अलावा कनिष्क नारायण बेंगलुरु भी जाएंगे। वहां उनका उद्देश्य यह देखना है कि भारत और UK नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने के लिए कैसे मिलकर काम कर रहे हैं। DSIT के अनुसार दोनों देश लेटेस्ट रिसर्च में करोड़ों डॉलर निवेश कर रहे हैं। भारत ब्रिटिश बिजनेस के लिए अहम मार्केट है और UK की कंपनियां भारत में अपने बिजनेस से 47.5 बिलियन पाउंड से ज्यादा का रेवेन्यू कमाती हैं।
डेवलपिंग देशों के लिए AI
AI इम्पैक्ट समिट के दौरान UK अफ्रीकी लैंग्वेज हब के लिए सपोर्ट की घोषणा करेगा। यह पहल AI को 40 अफ्रीकी भाषाओं में काम करने में मदद करेगी। इसका उद्देश्य टेक्नोलॉजी को लाखों लोगों के लिए ज्यादा समावेशी और आसान बनाना है। यह प्रोजेक्ट AI for Development (AI4D) प्रोग्राम का हिस्सा है और इसका बजट 100 मिलियन पाउंड से ज्यादा है। यह पहल डेवलपिंग देशों को AI क्रांति का पूरा फायदा देने के लिए बनाई गई है।








