AI ने बिना सीना चीरे बंद किया दिल का छेद, चीन में पहली बार रोबोटिक हार्ट सर्जरी सफल

चीन में AI-संचालित रोबोट से 48 वर्षीय मरीज के जन्मजात दिल का छेद बिना छाती खोले बंद किया गया। जानें AI Heart Surgery की खासियत और तकनीक।

चीन में 48 वर्षीय मरीज के जन्मजात दिल के छेद को बिना सीना खोले AI-संचालित अल्ट्रासाउंड-गाइडेड रोबोट से बंद किया गया। इस प्रक्रिया में AI ने रियल-टाइम इमेजिंग, नेविगेशन और कैथेटर की सटीक स्थिति तय करने में मदद की।

बीजिंग: AI Heart Surgery के क्षेत्र में चीन में एक अहम उपलब्धि सामने आई है। चाइनीज PLA जनरल हॉस्पिटल के सिक्स्थ मेडिकल सेंटर में डॉक्टरों ने 48 वर्षीय मरीज के जन्मजात हृदय छेद को बिना छाती खोले बंद किया। इस प्रक्रिया में AI-संचालित और अल्ट्रासाउंड-गाइडेड रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल हुआ, जिसने रियल-टाइम इमेजिंग और सटीक नेविगेशन के जरिए सर्जरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बिना सीना खोले दिल का छेद किया बंद

चीन में डॉक्टरों ने AI और रोबोटिक तकनीक की मदद से एक जटिल हार्ट प्रोसीजर को सफलतापूर्वक पूरा किया है। 48 वर्षीय मरीज के दिल में जन्मजात छेद था, जिसे छाती खोले बिना बंद किया गया। इस प्रक्रिया में नस के जरिए एक बेहद पतला और लचीला कैथेटर दिल तक पहुंचाया गया।

AI ने बिना सीना चीरे बंद किया दिल का छेद, चीन में पहली बार रोबोटिक हार्ट सर्जरी सफल

इसके बाद छेद वाली जगह पर एक closure device लगाया गया, जिससे उसे सुरक्षित तरीके से बंद किया जा सका। यह प्रक्रिया चाइनीज PLA जनरल हॉस्पिटल के सिक्स्थ मेडिकल सेंटर में कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों की टीम ने पूरी की।

AI ने रोबोट को दी सटीक नेविगेशन क्षमता

यह प्रक्रिया सामान्य robotic surgery से अलग थी। पारंपरिक रोबोटिक सर्जरी में डॉक्टर remote controller के जरिए रोबोटिक arm की गतिविधियों को लगातार नियंत्रित करते हैं। रोबोट अपने स्तर पर surgical decisions नहीं लेता।

चीन में इस्तेमाल किए गए सिस्टम में deep learning algorithms और real-time image recognition को surgical movements से जोड़ा गया था। इसके कारण AI सिस्टम ने डॉक्टरों को केवल निर्देशों के अनुसार सहायता देने के बजाय इमेजिंग और navigation के आधार पर कई प्रक्रियात्मक फैसलों में मदद की।

Sub-millimeter accuracy से कैथेटर की नेविगेशन

सर्जरी के दौरान AI-enabled robotic arm ने ultrasound imaging की मदद से heart tissue को स्कैन किया और छेद की स्थिति का सटीक map तैयार किया। इसके बाद कैथेटर को sub-millimeter accuracy के साथ आगे बढ़ाते हुए closure device को निर्धारित स्थान पर फिट किया गया।

इस तकनीक की एक अहम खासियत यह रही कि इसमें ultrasound imaging का इस्तेमाल हुआ। ऐसी प्रक्रियाओं में आमतौर पर live X-ray guidance की जरूरत पड़ सकती है, जिससे मरीज और medical staff को radiation exposure का सामना करना पड़ता है। Ultrasound-based approach से इस जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

छोटे अस्पतालों तक पहुंच सकती है तकनीक

AI और robotic systems के इस तरह के इस्तेमाल से भविष्य में complex cardiac procedures को अधिक precise बनाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसी तकनीक अगर व्यापक रूप से उपलब्ध होती है, तो विशेषज्ञों की सीमित उपलब्धता वाले अस्पतालों में भी जटिल प्रक्रियाओं को अंजाम देने में सहायता मिल सकती है।

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