अलास्का के एक सुदूर सैन्य एयरपोर्ट के पास हुए विमान हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे के वक्त इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था और पायलट रनवे को देख नहीं पा रहे थे।
Alaska Plane Crash: अमेरिका के अलास्का में एक रिमोट मिलिट्री एयरपोर्ट पर चार्टर विमान दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब विमान खराब मौसम और कम दृश्यता के बीच लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पायलट को रनवे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा था। पहली लैंडिंग कोशिश सफल नहीं होने के बाद विमान ने दोबारा उतरने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान हादसा हो गया।
दुर्घटना में विमान में सवार दो क्रू मेंबर और छह यात्रियों की जान चली गई। घटना की जांच अमेरिकी अधिकारियों ने शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में खराब मौसम और बेहद कम दृश्यता को महत्वपूर्ण परिस्थितियों के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि हादसे की अंतिम वजह आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान हुआ हादसा
यह दुर्घटना अलास्का के केप न्यूएनहैम लॉन्ग रेंज रडार साइट एयरपोर्ट पर हुई। यह स्थान अलास्का के सबसे बड़े शहर एंकरेज से करीब 450 मील यानी लगभग 725 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के पहुंचने के समय इलाके में मौसम तेजी से खराब हो रहा था। घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण पायलट को रनवे देखने में परेशानी हो रही थी। पहली लैंडिंग कोशिश के बाद विमान ने दोबारा लैंड करने का प्रयास किया और इसी दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) मामले की जांच कर रहा है। जांचकर्ताओं का मुख्य फोकस मौसम की परिस्थितियों, विमान की स्थिति, पायलट के निर्णय और लैंडिंग के दौरान इस्तेमाल किए गए उपकरणों पर रहेगा।
हादसे में Army Corps of Engineers के दो कर्मचारियों की मौत

दुर्घटना में मारे गए लोगों की तत्काल पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में अमेरिकी Army Corps of Engineers के दो कर्मचारी भी शामिल थे। यह हादसा जिस क्षेत्र में हुआ, वह अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। केप न्यूएनहैम क्षेत्र में स्थित रडार साइट अलास्का के दूरदराज इलाके में अमेरिकी निगरानी नेटवर्क का हिस्सा है। इस तरह की साइट्स अमेरिकी हवाई क्षेत्र और आसपास के इलाकों में विमान गतिविधियों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने हादसे पर दुख जताते हुए विमान में सवार लोगों को समर्पित पेशेवर बताया। अलास्का कमांड की ओर से कहा गया कि यह घटना सैन्य समुदाय और उन स्थानीय समुदायों के लिए बड़ा नुकसान है, जिनकी सेवा के लिए ये कर्मचारी काम कर रहे थे।
पहाड़ी इलाके में बनी है एयरस्ट्रिप
केप न्यूएनहैम का यह एयरपोर्ट सामान्य बड़े वाणिज्यिक हवाई अड्डों से काफी अलग है। यहां की एयरस्ट्रिप दूरदराज और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र में स्थित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रनवे बजरी से बना है और पहाड़ी इलाके में होने के कारण यहां लैंडिंग के दौरान अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता होती है।अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) की ओर से इस तरह के एयरपोर्ट पर संचालन करने वाले पायलटों को नेविगेशन और इंस्ट्रूमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
हादसे से कुछ देर पहले बदल गया था मौसम
मौसम संबंधी आंकड़े भी इस दुर्घटना में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। नेशनल वेदर सर्विस के अनुसार, हादसे से कुछ मिनट पहले एयरपोर्ट के ऑटोमेटेड मौसम सिस्टम ने कम बादलों, कोहरे और लगभग 10 मील यानी 16 किलोमीटर की दृश्यता की जानकारी दी थी। लेकिन दुर्घटना के करीब 15 मिनट बाद दर्ज किए गए अगले अपडेट में दृश्यता तेजी से घटकर एक-चौथाई मील यानी लगभग 0.40 किलोमीटर से भी कम रह गई। इससे पता चलता है कि दुर्घटना के आसपास मौसम की स्थिति तेजी से बदल रही थी।
हालांकि, केवल मौसम के आंकड़ों के आधार पर हादसे की अंतिम वजह तय नहीं की जा सकती। NTSB की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि विमान ने किस परिस्थिति में लैंडिंग की कोशिश की और दुर्घटना से पहले क्या घटनाक्रम हुआ।












