अलवर में नीम के पेड़ को लेकर हुए पारिवारिक विवाद में हिंसा भड़क गई। हमले में बली खान मारे गए और तीन लोग घायल हुए। पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
Rajasthan: अलवर के बगड़ तिराहा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना हुई, जिसमें एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। विवाद की शुरुआत जमीन पर लगे नीम के पेड़ को काटने को लेकर हुई। घटना में बली खान की मौत हो गई, जबकि अकरम, उसकी पत्नी मनीषा और गर्भवती भाभी शबनम घायल हो गए।
पेड़ काटने पर हुआ विवाद
अकरम निवासी बैरे ने पुलिस को रिपोर्ट दी कि सुबह करीब 9 बजे उनके पिता बली खान के चचेरा भाई फकरूद्दीन और उसके बेटे यादिल, तारीफ, साहिल और मुनफेद उर्फ मुक्का उनके हिस्से की जमीन पर लगे नीम के पेड़ को काट रहे थे। बली खान ने उन्हें पेड़ काटने से मना किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
करीब आधे घंटे बाद पांचों आरोपी टांचिया और फर्सी जैसे हथियार लेकर बली खान पर हमला करने लौट आए। इस दौरान बली खान के परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया।
बीच-बचाव करने आए लोग भी घायल

हमले में अकरम के सिर में 10 टांके आए। उसकी पत्नी मनीषा के आंख के पास फर्सी से चोट लगी, जबकि गर्भवती भाभी शबनम के सिर में 5 टांके लगे। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने रास्ते में ही बली खान को मृत घोषित कर दिया।
थाना प्रभारी विनोद सांवरिया ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। घटना के आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
कुल्हाड़ी से हमला
मृतक बली खान के भाई इमामुद्दीन ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच कई दिन से कहासुनी चल रही थी। शुक्रवार को फकरूद्दीन ने बली खान के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला किया। कुल्हाड़ी बली के सिर में फंस गई।
उसे पहले निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर सामान्य अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बली खान का परिवार खेतीबाड़ी करता है और उनके सात बच्चे हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
पुलिस की जांच
पुलिस ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी तलाश में हैं। पुलिस ने मौके पर जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में आरोपी की तलाश की जा रही है। घटना से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
इस तरह का हिंसक संघर्ष जमीन विवाद को लेकर अक्सर बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पारिवारिक जमीन विवादों में आपसी समझ और पंचायत जैसी मध्यस्थता से कई बार जान-माल का नुकसान टाला जा सकता है।








