ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हतामी ने अमेरिका की धमकी के जवाब में कहा कि किसी भी विदेशी ताकत को ईरान को धमकी देने की अनुमति नहीं होगी। हमला करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Iran Rebellion: ईरान इस समय अपने ही नागरिकों के विरोध प्रदर्शन और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हतामी ने सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि कोई भी विदेशी ताकत ईरान को धमकी नहीं दे सकती और अगर हमला किया गया तो उसका ‘हाथ काट दिया जाएगा’। इस बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ गया है।
ट्रंप की धमकी और अमेरिका का रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ट्रुथ सोशल पोस्ट के जरिए कहा था कि अगर ईरान में शांतिप्रिय प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की गई तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका तैयार है और ‘लोडेड’ है। अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने टीवी इंटरव्यू में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारना जारी रखा गया तो ट्रंप इसे गंभीरता से लेंगे। इस धमकी ने ईरान में तनाव और बढ़ा दिया है।
देशभर में विरोध प्रदर्शन
ईरान में विरोध प्रदर्शन पिछले कई दिनों से जारी हैं। महंगाई, ईरानी मुद्रा रियाल का गिरना और आर्थिक संकट इन प्रदर्शनों की मुख्य वजह हैं। विरोध प्रदर्शन तेहरान से शुरू होकर पूरे देश में फैल गए हैं। शहर फासा में प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर के दफ्तर में घुसकर आग लगाई और पत्थर फेंके। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की और कहा कि टैक्स बढ़ाने की योजना पर पुनर्विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी माना कि बदलाव की मांग जायज है।
अमेरिका और इजराइल का समर्थन

इन प्रदर्शनों के दौरान अमेरिका और इजराइल ने ईरानी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वे ईरानी लोगों की आजादी और न्याय की लड़ाई में उनके साथ हैं। उनके अनुसार, अब ईरानी लोग अपने भविष्य को खुद तय करने की कोशिश कर रहे हैं। इस समर्थन से ईरान के नेतृत्व में और नाराजगी पैदा हुई है।
ईरान की सेना तैयार
जनरल अमीर हतामी ने ईरान की आर्मी कमांड और स्टाफ यूनिवर्सिटी के छात्रों से बात करते हुए कहा कि ईरान दुश्मनों की धमकी को गंभीरता से लेता है और इसे बिना जवाब नहीं छोड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सेना अब जून 2025 में इजराइल के साथ 12 दिनों के युद्ध के पहले से कहीं अधिक तैयार है। अगर कोई दुश्मन गलती करता है तो उसका जवाब और सख्त होगा।
वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं की चेतावनी
ईरान के सीनियर पॉलिटिशियन अली लारिजानी, जो सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख हैं, ने X प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अमेरिका को अपने सैनिकों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। उनका यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को और बढ़ाता है।
पिछले साल की घटनाएं
जून 2025 में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था, जिसमें ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को निशाना बनाया गया। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला माना और कहा कि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
ईरान का सख्त रुख
जनरल हतामी के बयान से यह स्पष्ट है कि ईरान किसी भी तरह की धमकी या हमला बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सेना पूरी तरह तैयार है और अगर आवश्यक हुआ तो आक्रामक कार्रवाई की जाएगी। इससे यह भी साफ हो गया है कि अमेरिका और इजराइल की किसी भी भविष्य की सैन्य गतिविधियों पर ईरान कड़ी नजर रखेगा।











