अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर जताई गंभीर चिंता, ओरेश्निक मिसाइल ने दी हमले पर प्रतिक्रिया

अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर जताई गंभीर चिंता, ओरेश्निक मिसाइल ने दी हमले पर प्रतिक्रिया

अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध में हालिया ओरेश्निक मिसाइल हमले पर गंभीर चिंता व्यक्त की। ट्रंप प्रशासन शांति वार्ता को बढ़ावा दे रहा है, जबकि रूस की आक्रामक रणनीति तनाव और सुरक्षा जोखिम बढ़ा रही है।

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग (Russia Ukraine War) पर अमेरिका ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि रूस इस संघर्ष को खतरनाक तरीके से बढ़ा रहा है। हाल ही में रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए ओरेश्निक (Oreshnik) मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह हमला न केवल यूक्रेन के लिए बल्कि यूरोप और नाटो (NATO) के सहयोगियों के लिए भी चेतावनी का संकेत माना जा रहा है।

अमेरिका की ओर से कहा गया कि यह हमला युद्ध को और भड़काने वाला है और इस प्रकार की कार्रवाइयाँ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। अमेरिकी प्रशासन की ओर से शांति वार्ता (Peace Talks) को बढ़ावा देने का प्रयास चल रहा है, लेकिन रूस की आक्रामक रणनीति इसे चुनौती दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका की प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में अमेरिका की उप राजदूत टैमी ब्रूस (Tammy Bruce) ने रूस की कड़ी निंदा की। उन्होंने विशेष रूप से पोलैंड के पास यूक्रेन सीमा के निकट रूस द्वारा ओरेश्निक मिसाइल का प्रक्षेपण करने का जिक्र किया। ब्रूस ने कहा कि अमेरिका इस युद्ध में हो रही अनगिनत मौतों और विनाश पर गहरा खेद व्यक्त करता है।

ब्रूस ने कहा कि रूस के हमले न केवल ऊर्जा और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को निशाना बना रहे हैं, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस का यह कदम युद्ध को भड़काने वाला है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्वीकार्य माना जाना चाहिए।

ओरेश्निक मिसाइल हमले का असर

हाल ही में रूस ने यूक्रेन पर सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलों से बड़े पैमाने पर हमला किया। इसमें ओरेश्निक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया, जिसे नाटो और यूरोपीय देशों ने युद्ध भड़काने वाला कदम करार दिया। यूक्रेन ने इस हमले के तुरंत बाद सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने का अनुरोध किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि ओरेश्निक मिसाइल का उपयोग सिर्फ युद्ध में बढ़त हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि नाटो सहयोगियों को भी चेताने के लिए किया गया। यूरोपीय नेताओं ने इसे गंभीर रूप से लिया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया।

अमेरिका का शांति पर जोर

टैमी ब्रूस ने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन (Trump Administration) वैश्विक शांति के प्रति गंभीर है और दोनों पक्षों को तनाव कम करने के उपाय अपनाने चाहिए। उन्होंने कहा कि रूस की हालिया कार्रवाइयाँ युद्ध को और तेज करने का जोखिम पैदा कर रही हैं।

ब्रूस ने याद दिलाया कि करीब एक साल पहले रूस ने सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया था जिसमें यूक्रेन में संघर्ष समाप्त करने का आह्वान किया गया। उन्होंने जोर दिया कि अगर रूस अपनी बातों पर अमल करता है, तो शांति स्थापित की जा सकती है। अमेरिका का यह संदेश स्पष्ट है कि रूस, यूक्रेन और यूरोप को मिलकर गंभीर प्रयास करने चाहिए ताकि इस युद्ध के विनाशकारी प्रभाव को रोका जा सके।

रूस और यूक्रेन की प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया (Vasily Nebenzia) ने कहा कि जब तक यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दिमीर जेलेंस्की बातचीत के लिए तैयार नहीं होते, रूस अपनी सैन्य रणनीति जारी रखेगा। उनका कहना है कि सैन्य कार्रवाई ही इस समय समस्या का समाधान है।

वहीं, यूक्रेन के राजदूत एंड्री मेलनिक (Andriy Melnyk) ने जवाब में कहा कि रूस अब पहले से अधिक कमजोर स्थिति में है। उनकी अर्थव्यवस्था धीमी हो गई है और राजस्व में गिरावट जारी है। उन्होंने कहा कि रूस का आक्रामक रवैया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी स्थिति को और जटिल बना रहा है।

अमेरिका ने इस संघर्ष में मध्यस्थता की जिम्मेदारी स्वीकार की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और रूस से अपेक्षा करता है कि वह युद्ध भड़काने वाले कदम उठाने से बचे। अमेरिका ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर रूस ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन किया या नाटो सहयोगियों को खतरा दिया, तो गंभीर आर्थिक और सैन्य कदम उठाए जाएंगे।

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