ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान बड़ा हादसा, कुवैती जेट की मिसाइल से गिरे अमेरिकी विमान

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान बड़ा हादसा, कुवैती जेट की मिसाइल से गिरे अमेरिकी विमान

मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच कुवैती F/A-18 से दागी गई मिसाइलों से तीन F-15E Strike Eagle गिरने का दावा है। इसे फ्रेंडली फायर बताया जा रहा है। Operation Epic Fury के दौरान हुई घटना की जांच की बात कही गई है।

America: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार एक कुवैती F/A-18 फाइटर जेट की फायरिंग में तीन अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल जेट गिर गए। बताया जा रहा है कि यह घटना गलती से हुई और इसे मिलिट्री भाषा में ब्लू-ऑन-ब्लू यानी फ्रेंडली फायर कहा जाता है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह हादसा सोमवार को हुआ, जब क्षेत्र में तनाव चरम पर था। एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि F/A-18 हॉर्नेट के पायलट ने गलती से तीन मिसाइलें दाग दीं, जो अमेरिकी जेट्स की दिशा में चली गईं।

किस ऑपरेशन के दौरान हुआ हादसा

यह घटना 28 फरवरी को शुरू हुए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बाद सामने आई पहली बड़ी एयरक्राफ्ट लॉस मानी जा रही है। ऑपरेशन के तहत अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ठिकानों पर व्यापक एयरस्ट्राइक की थी। रिपोर्ट के अनुसार तीनों अमेरिकी जेट F-15E Strike Eagle थे। ये विमान मिडिल ईस्ट में तैनात थे और मिशन पर थे, तभी यह घटना हुई। हालांकि क्रू मेंबर समय रहते पैराशूट के जरिए सुरक्षित बाहर निकल गए।

कैसे हुई फ्रेंडली फायरिंग

माना जा रहा है कि उस समय कुवैत के एयरस्पेस में कई ईरानी ड्रोन घुसने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे हालात में एयर डिफेंस सिस्टम और फाइटर जेट्स हाई अलर्ट पर थे।

बताया जा रहा है कि कुवैती पायलट ने ड्रोन को टारगेट समझकर मिसाइल दागी, लेकिन गलती से अमेरिकी जेट उसकी जद में आ गए। F/A-18 हॉर्नेट, जो कि मल्टीरोल फाइटर है, तेजी से बदलते हालात में ऑपरेट कर रहा था।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जांच की बात कही गई है।

ईरान का दावा

इस बीच ईरान ने भी जेट विमानों को गिराने का दावा किया है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि यह घटना फ्रेंडली फायर का मामला था। ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब वह पहले से ही अमेरिका और इजरायल पर संयुक्त हमले का आरोप लगा रहा है। ईरान ने कहा है कि वह अपने खिलाफ हुई एयरस्ट्राइक का जवाब दे रहा है।

क्षेत्र में बढ़ता सैन्य दबाव

शनिवार को ईरान ने कथित तौर पर कुवैत और अन्य खाड़ी देशों की दिशा में मिसाइल और ड्रोन दागे थे। इसी दौरान कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हुआ। रिपोर्ट के अनुसार कई ईरानी ड्रोन कुवैती एयरस्पेस में दाखिल हुए। इनमें से एक ड्रोन ने एक बेस पर हमला किया, जिसमें छह अमेरिकी सैनिकों की मौत होने का दावा किया गया है।

ऐसे हालात में हवाई क्षेत्र में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब कई देशों के जेट एक साथ ऑपरेट कर रहे हों और दुश्मन ड्रोन सक्रिय हों, तब पहचान में चूक की संभावना बढ़ जाती है।

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