अमेरिका ने ठुकराया पुतिन का न्यू स्टार्ट विस्तार प्रस्ताव, नई परमाणु संधि में सभी को करेंगे शामिल

रूस ने न्यू स्टार्ट संधि का विस्तार प्रस्तावित किया था, लेकिन अमेरिका ने इसे ठुकरा दिया। नई रणनीति में चीन समेत सभी परमाणु शक्तियों को शामिल करने पर जोर।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने न्यू स्टार्ट संधि को एक साल बढ़ाने का प्रस्ताव दिया, लेकिन अमेरिका ने इसे ठुकरा दिया। ट्रंप ने कहा कि नई संधि बनाई जाएगी, जिसमें रणनीतिक हथियार नियंत्रण और चीन समेत अन्य देशों को शामिल किया जाएगा।

World News: रूस और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को नियंत्रित करने वाली न्यू स्टार्ट संधि (New START Treaty) को लेकर नए तनाव पैदा हो गए हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को प्रस्ताव दिया था कि इस संधि को एक साल के लिए बढ़ा दिया जाए, ताकि दोनों देशों के बीच रणनीतिक हथियारों की संख्या पर नियंत्रण बना रहे। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

न्यू स्टार्ट संधि के तहत दोनों देशों के पास 700 डिलीवरी सिस्टम (मिसाइल, लड़ाकू विमान और पनडुब्बी) पर 1550 रणनीतिक हथियारों की सीमा तय थी। यह संधि 5 फरवरी को समाप्त हो गई, और अमेरिका ने इसे केवल एक साल के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।

ट्रंप की नई रणनीति

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि न्यू स्टार्ट को विस्तार देने के बजाय अमेरिका को एक नई, आधुनिक और बेहतर समझौते पर काम करना चाहिए। उनका मानना है कि पुरानी संधि में कई खामियां हैं और यह वर्तमान वैश्विक स्थिति के अनुरूप नहीं है।

ट्रंप की योजना यह है कि भविष्य में लंबे समय तक चलने वाली नई संधि बनाई जाए, जिसमें रणनीतिक हथियारों की तैनाती और नियंत्रण के अलावा अन्य सुरक्षा पहलुओं को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा, उनका फोकस चीन को भी शामिल करने पर है, जो वर्तमान न्यू स्टार्ट संधि में शामिल नहीं है।

अमेरिकी उपमंत्री ने भी जताई नाराजगी

अमेरिकी हथियार नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के उपमंत्री थामस डिनाने ने जिनेवा में शुक्रवार को एक सम्मेलन में कहा कि न्यू स्टार्ट को केवल बढ़ाने से अमेरिका और पूरी दुनिया को कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी संधि में कमियां हैं और इसमें चीन जैसी अन्य बड़ी शक्तियों को शामिल नहीं किया गया है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि एक नए, प्रभावी और सभी प्रमुख परमाणु राष्ट्रों को शामिल करने वाले समझौते पर ध्यान दिया जाए।

न्यू स्टार्ट संधि का इतिहास

अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण की दिशा में पहला स्ट्रैटीजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी (START) 1991 में हुआ था। इसके बाद 2010 में न्यू स्टार्ट संधि पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों की संख्या और उनके वितरण पर नियंत्रण रखना था।

इस समझौते के तहत दोनों देशों को अपने रणनीतिक हथियारों और डिलीवरी सिस्टम की संख्या सीमित करनी थी और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी थी। संधि का उद्देश्य वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करना और परमाणु हथियारों की होड़ को नियंत्रित करना था।

विशेषज्ञों की चेतावनी

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि न्यू स्टार्ट संधि के समाप्त होने के बाद परमाणु हथियारों की होड़ बढ़ सकती है। उनका मानना है कि यदि नई संधि पर जल्दी से कार्रवाई नहीं हुई, तो यह न केवल अमेरिका और रूस के बीच तनाव बढ़ा सकती है, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है।

Leave a comment