अनंत चतुर्दशी आज: इंदौर में 9 KM लंबा चल समारोह, भोपाल-उज्जैन-ग्वालियर में विसर्जन की तैयारी

अनंत चतुर्दशी पर MP में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। इंदौर में 103 साल पुरानी परंपरा के तहत 9 KM से ज्यादा लंबा चल समारोह निकलेगा।

मध्यप्रदेश में अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। इंदौर में 103 साल पुरानी झांकी परंपरा के तहत शाम 6 बजे से 9 KM से अधिक लंबा चल समारोह निकलेगा, जबकि भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में विसर्जन की तैयारियां पूरी हैं।

इंदौर: अनंत चतुर्दशी के मौके पर मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ धार्मिक आयोजन और झांकियों के चल समारोह होंगे। इंदौर में 103 साल पुरानी झांकी परंपरा के तहत शुक्रवार शाम 6 बजे से 9 KM से ज्यादा लंबे मार्ग पर झांकियां निकलेंगी। भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में भी विसर्जन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां की हैं और सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

मध्यप्रदेश में अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन

मध्यप्रदेश में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार को गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का सिलसिला देखने को मिलेगा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इंदौर, भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ जुटने की संभावना है।

अनंत चतुर्दशी गणेश उत्सव का अंतिम प्रमुख दिन होता है। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाते हैं। कई शहरों में इस मौके पर शोभायात्रा, झांकियां और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। विसर्जन स्थलों के साथ-साथ प्रमुख मार्गों और आयोजन स्थलों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

इंदौर में 103 साल पुरानी झांकी परंपरा

इंदौर में अनंत चतुर्दशी का सबसे प्रमुख आकर्षण झांकियों का चल समारोह रहेगा। शहर में 103 साल पुरानी झांकी परंपरा के तहत शुक्रवार शाम से भव्य आयोजन होगा। झांकियां शाम 6 बजे से निर्धारित मार्ग पर निकलना शुरू होंगी।

इंदौर में इस बार चल समारोह का मार्ग 9 KM से ज्यादा लंबा रहेगा। इस दौरान अलग-अलग संस्थाओं और संगठनों की झांकियां शामिल होंगी। चल समारोह को देखने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

इंदौर की झांकी परंपरा अनंत चतुर्दशी के आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। हर साल इस दौरान शहर में देर रात तक लोगों की भीड़ रहती है। झांकियों के साथ अखाड़ों और पारंपरिक प्रस्तुतियों की भी मौजूदगी रहती है।

लंबे मार्ग और बड़ी संख्या में लोगों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। जुलूस मार्ग पर पुलिस की तैनाती के साथ भीड़ प्रबंधन और यातायात को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई है।

भोपाल और उज्जैन में विसर्जन की तैयारी

भोपाल में भी अनंत चतुर्दशी के मौके पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर तैयारियां की गई हैं। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से श्रद्धालु प्रतिमाओं को विसर्जन स्थलों तक लेकर पहुंचेंगे। प्रशासन की ओर से भीड़ और यातायात को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

उज्जैन में भी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां की हैं। धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा।

विसर्जन के दौरान नदी, तालाब और अन्य निर्धारित स्थलों पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन की ओर से निगरानी रखी जाएगी। श्रद्धालुओं से निर्धारित स्थानों पर ही प्रतिमाओं का विसर्जन करने की अपील की जाती है।

ग्वालियर में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम

ग्वालियर में भी अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियां की गई हैं। शहर में विभिन्न स्थानों से प्रतिमाएं विसर्जन के लिए ले जाई जाएंगी। इस दौरान प्रमुख मार्गों और विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है।

प्रदेश के प्रमुख शहरों में अनंत चतुर्दशी के आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें सक्रिय रहेंगी। भीड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है।

चप्पे-चप्पे पर फोर्स, यातायात पर भी नजर

इंदौर सहित अन्य शहरों में चल समारोह और विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस ने प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है।

इंदौर में 9 KM से अधिक लंबे चल समारोह के कारण कई इलाकों में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता भीड़ को नियंत्रित करने के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना होगी।

अनंत चतुर्दशी के साथ गणेश उत्सव का समापन होगा। मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों में श्रद्धालु गणपति बप्पा को विदाई देंगे और अगले वर्ष फिर आने की कामना के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे।

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