कुर्नूल में पूर्व विधायक हफीज खान ने बूथ लेवल एजेंट्स के साथ SIR प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने वोटर लिस्ट में सभी योग्य नागरिकों के नाम शामिल करने और किसी भी पात्र मतदाता को न हटाने के निर्देश दिए।
कुर्नूल: आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में पूर्व कुरनूल विधायक और YSRCP नेता हफीज़ खान ने 8वें वार्ड सचिवालय का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों तथा नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने इस दौरान नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी कई शिकायतों और सुझावों पर ध्यान दिया।
8वें वार्ड सचिवालय का दौरा और जनता से संवाद
पूर्व विधायक हफीज़ खान ने अपने दौरे के दौरान 8वें वार्ड सचिवालय में मौजूद अधिकारियों और स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना, जिनमें नागरिक सेवाओं, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी कई शिकायतें शामिल थीं।
उन्होंने कहा कि जनता द्वारा उठाए गए मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाएगा ताकि समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान वार्ड के स्थानीय नेताओं ने भी क्षेत्र में चल रही समस्याओं की जानकारी साझा की।
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की समीक्षा
दौरे के बाद हफीज़ खान ने बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) के साथ विस्तृत बैठक की और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की समीक्षा की। बैठक में BLAs ने उन्हें वर्तमान स्थिति की जानकारी दी और बताया कि इस समय केवल सेल्फ मैपिंग और प्रोजेनी मैपिंग का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि फॉर्म 6, 7 और 8 से संबंधित औपचारिक कार्य आगामी 15 जुलाई के बाद शुरू किए जाएंगे, जो मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
हफीज़ खान का मतदाता सूची को लेकर निर्देश
पूर्व विधायक हफीज़ खान ने बूथ लेवल एजेंट्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र, जीवित और वास्तविक मतदाता का नाम छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी योग्य नागरिक राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के कारण सूची से बाहर न हो।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की बुनियाद है और इसमें पारदर्शिता बनाए रखना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
SIR प्रक्रिया का महत्व
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया चुनावी लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना होता है। इस प्रक्रिया के तहत नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, जबकि मृत या अयोग्य नामों को हटाया जाता है।
इसके अलावा, स्थानांतरण या अन्य बदलावों के आधार पर मतदाता विवरण को भी अपडेट किया जाता है, जिससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनती है।
बूथ लेवल एजेंट्स की भूमिका
मतदाता सूची पुनरीक्षण में बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ये एजेंट्स जमीनी स्तर पर डेटा संग्रह, सत्यापन और नागरिकों की जानकारी को अपडेट करने का कार्य करते हैं।
BLAs यह सुनिश्चित करते हैं कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके। इस प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी चुनावी प्रणाली की विश्वसनीयता को मजबूत करती है।
स्थानीय प्रशासन और नागरिकों की भागीदारी
पूर्व विधायक के दौरे के दौरान यह भी देखा गया कि स्थानीय नागरिक अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर काफी सक्रिय हैं। उन्होंने जल आपूर्ति, सड़क, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा।
हफीज़ खान ने भरोसा दिलाया कि इन सभी मुद्दों को संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पारदर्शी चुनाव प्रणाली पर जोर
बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए बेहद आवश्यक है। किसी भी तरह की गड़बड़ी या नामों की गलत कटौती से चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
इसलिए सभी स्तरों पर यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहे।









