आंध्र प्रदेश के पलनाडु में भीषण सड़क हादसा: दो लॉरियों की टक्कर के बाद लगी आग, तीन लोगों की मौत

आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले के यदलापाडु मंडल के बोयपालम मे दो लॉरियों की भीषण टक्कर से आग लग गई। हादसे मे तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। पुलिस जांच जारी है

पलनाडु जिले के यदलापाडु मंडल के बोयपालम में दो लॉरियों की टक्कर से भीषण आग लग गई। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पलनाडु: आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले में मंगलवार को एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। यदलापाडु मंडल के बॉयपालम के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो भारी ट्रकों (लॉरियों) की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ ही सेकंड में दोनों वाहनों में आग भड़क उठी और पूरा क्षेत्र धुएं और लपटों से भर गया। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। मृतकों में दोनों लॉरियों के चालक और एक क्लीनर शामिल बताए जा रहे हैं।

कैसे हुआ हादसा: शुरुआती जानकारी

प्रारंभिक जांच और पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब एक लोरी के चालक ने संभवतः नींद या थकान के कारण वाहन पर नियंत्रण खो दिया। इसके बाद विपरीत दिशा से आ रही दूसरी लोरी से जोरदार टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों के डीजल टैंक फट गए, जिससे तुरंत आग फैल गई। देखते ही देखते दोनों लोरियां आग के गोले में तब्दील हो गईं और बचाव का कोई मौका नहीं मिला। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से दुर्घटना के कारणों की पुष्टि नहीं की है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

आग लगते ही मचा हड़कंप

हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। लेकिन तब तक आग ने दोनों वाहनों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था। लपटें इतनी तेज थीं कि दमकल कर्मियों को भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।

तीन लोगों की दर्दनाक मौत, पहचान की प्रक्रिया जारी

इस हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार, मृतकों के शव बुरी तरह जल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचित करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम

इस भीषण दुर्घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित करने की कोशिश की और वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को डायवर्ट किया। हालांकि, भारी वाहनों की वजह से जाम को पूरी तरह हटाने में काफी समय लगा।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

पलनाडु पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रूप से यह माना जा रहा है कि दुर्घटना का मुख्य कारण चालक की लापरवाही या थकान हो सकती है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और वाहन की तकनीकी जांच के आधार पर पूरी घटना की जांच की जा रही है।

फायर ब्रिगेड की चुनौतीपूर्ण कार्रवाई

दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि शुरुआत में इसे नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो गया। डीजल के रिसाव और वाहनों के पूरी तरह जलने के कारण आग तेजी से फैलती गई। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक दोनों वाहन पूरी तरह नष्ट हो चुके थे।

स्थानीय लोगों में दहशत और शोक का माहौल

घटना के बाद आसपास के गांवों और कस्बों में भय और शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही काफी अधिक रहती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी के ट्रक चालकों को पर्याप्त आराम नहीं मिलने और निगरानी की कमी के कारण ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। परिवहन विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि वह ड्राइवरों की कार्यशैली और सड़क नियमों के पालन पर सख्त कदम उठाए।

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