अनन्या पांडे की नई फिल्म चांद मेरा दिल को समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। फिल्म में उनके अभिनय की सराहना हो रही है, हालांकि उनके भरतनाट्यम फ्यूजन डांस को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ रहा है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: अभिनेत्री Ananya Panday की हालिया फिल्म “चांद मेरा दिल” में उनके एक भरतनाट्यम-फ्यूजन डांस सीन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही ट्रोलिंग अब चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। फिल्म में उनकी ऑनस्क्रीन मां का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री Charu Shankar ने इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कला पर बहस हो सकती है, लेकिन उसका मजाक उड़ाना सही नहीं है।
ट्रोलिंग पर चारू शंकर की प्रतिक्रिया
एक इंटरव्यू में चारू शंकर ने कहा कि किसी भी कलात्मक अभिव्यक्ति पर लोगों को राय रखने का अधिकार है, लेकिन इसे अपमान या मजाक का रूप देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म में जिस डांस सीन पर चर्चा हो रही है, उसे कहानी के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में डिजाइन किया गया था। यह दृश्य किरदार “चांदनी” की एंट्री को दर्शाने के लिए रखा गया था, जो अपने तरीके से परंपराओं को चुनौती देती है और नियमों से अलग सोच रखती है।
चारू शंकर के अनुसार, यह सीन केवल पारंपरिक भरतनाट्यम नहीं था, बल्कि एक फ्यूजन परफॉर्मेंस था, जिसे आधुनिक और प्रयोगात्मक दृष्टिकोण के साथ फिल्माया गया।
फिल्म के संदर्भ में सीन का महत्व
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फिल्म “चांद मेरा दिल” एक युवा महिला की कहानी दिखाती है, जो सामाजिक अपेक्षाओं और पारंपरिक सीमाओं को चुनौती देती है। इस संदर्भ में डांस सीन को एक प्रतीकात्मक शुरुआत के रूप में पेश किया गया है, जो किरदार के व्यक्तित्व और उसके विद्रोही स्वभाव को दर्शाता है। फिल्म निर्माताओं के अनुसार, यह दृश्य जानबूझकर एक अलग शैली में तैयार किया गया था ताकि दर्शकों को यह संदेश मिले कि मुख्य किरदार पारंपरिक ढांचे से बाहर सोचने वाली है।
फिल्म रिलीज के बाद इस डांस सीन को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ दर्शकों ने इसे “क्रिएटिव फ्रीडम” और “आधुनिक फ्यूजन आर्ट” के रूप में सराहा, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे पारंपरिक भारतीय नृत्य शैली के साथ असंगत बताते हुए आलोचना की। इसी आलोचना के चलते अनन्या पांडे को ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने अभी तक इस विवाद पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है।
पिता चंकी पांडे ने किया बचाव
अभिनेत्री के समर्थन में उनके पिता और अभिनेता Chunky Panday भी सामने आए हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि लोगों ने इस सीन के अर्थ को गलत तरीके से समझा है। उनके अनुसार, यह कोई शुद्ध पारंपरिक भरतनाट्यम प्रस्तुति नहीं थी, बल्कि एक प्रयोगात्मक फ्यूजन डांस था, जैसा कि अक्सर कॉलेज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि दर्शकों को किसी भी कला को उसके व्यापक संदर्भ में समझना चाहिए, न कि केवल एक हिस्से के आधार पर निष्कर्ष निकालना चाहिए।









