AI रेस में भारत की बड़ी छलांग: 71 देशों की रैंकिंग में हासिल किया चौथा स्थान, डिजिटल सेवाओं में 328 अरब डॉलर की कमाई

India ने AI रेस में बड़ी छलांग लगाते हुए 71 देशों की रैंकिंग में चौथा स्थान हासिल किया है। डिजिटल सेवाओं से लगभग 328 अरब डॉलर की कमाई ने देश की टेक अर्थव्यवस्था

भारत ने ‘स्टेट ऑफ इंडिया डिजिटल इकोनॉमी (SIDE) 2026’ रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रिपोर्ट में भारत को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था के रूप में स्थान दिया गया है।

नई दिल्ली: वैश्विक डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस परिदृश्य में भारत ने एक बार फिर मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। ताज़ा रिपोर्ट “स्टेट ऑफ इंडिया डिजिटल इकोनॉमी (SIDE) 2026” के अनुसार भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था बन चुका है और एआई प्रतिस्पर्धा में 71 देशों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं जैसे जर्मनी, फ्रांस, जापान और कनाडा को डिजिटल प्रदर्शन के मामले में पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि भारत के तेजी से बढ़ते टेक इकोसिस्टम, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई अपनाने की दर को दर्शाती है।

AI रेस में भारत की बड़ी छलांग

रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक एआई इंडेक्स में भारत अब केवल अमेरिका, चीन और सिंगापुर से पीछे है। इस सूची में कुल 71 देश शामिल हैं। यह स्थिति भारत को एक उभरती हुई वैश्विक एआई शक्ति के रूप में स्थापित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह प्रगति उसकी विशाल डिजिटल उपयोगकर्ता आबादी, मजबूत आईटी सेवाओं और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम का परिणाम है।

रिपोर्ट बताती है कि भारत ने डिजिटल रूप से प्रदान की जाने वाली सेवाओं के व्यापार में लगभग 328 अरब अमेरिकी डॉलर का योगदान दिया है। इसमें सॉफ्टवेयर सेवाएं, आईटी आउटसोर्सिंग और क्लाउड-आधारित समाधान शामिल हैं। भारत अब दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल सेवा निर्यातकों में से एक बन चुका है, जबकि उसकी अर्थव्यवस्था अभी भी मध्यम-आय श्रेणी में आती है। यह उपलब्धि भारत के लिए एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव को दर्शाती है।

वैश्विक AI उपयोग में विकासशील देशों का दबदबा

AI रेस में भारत की बड़ी छलांग: 71 देशों की रैंकिंग में हासिल किया चौथा स्थान, डिजिटल सेवाओं में 328 अरब डॉलर की कमाई

रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में एआई का उपयोग करने वाले 72% लोग विकासशील देशों से हैं। भारत और चीन मिलकर वैश्विक एआई अपनाने का लगभग दो-पांचवां हिस्सा रखते हैं। जनरेटिव एआई को इतिहास की सबसे तेजी से अपनाई जाने वाली तकनीक बताया गया है, जिसने लॉन्च के तुरंत बाद ही विकासशील देशों में व्यापक लोकप्रियता हासिल की है।

रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि वैश्विक डिजिटल नेतृत्व अब एक नए त्रिध्रुवीय (triple-polar) ढांचे की ओर बढ़ रहा है। अब दुनिया की शीर्ष पांच डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में शामिल देश हैं:

  • अमेरिका
  • चीन
  • सिंगापुर
  • भारत
  • और एक अन्य प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्था

इनमें से तीन—चीन, सिंगापुर और भारत—इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से हैं, जो पारंपरिक पश्चिमी (नॉर्थ अटलांटिक) प्रभुत्व से बदलाव का संकेत देता है।

AI टैलेंट में भारत दूसरे स्थान पर

रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया में एआई टैलेंट के मामले में दूसरे स्थान पर है, केवल अमेरिका से पीछे। हालांकि, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भारत अभी पीछे है।

  • भारत का वैश्विक एआई उपयोग में हिस्सा: ~26%
  • वैश्विक प्राइवेट एआई निवेश में हिस्सा: केवल ~1%

यह अंतर भारत के लिए एक बड़ी चुनौती और अवसर दोनों के रूप में देखा जा रहा है। आईसीआरआईईआर से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार भारत ने डिजिटल कनेक्टिविटी, स्टार्टअप ग्रोथ और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए मजबूत आधार बनाया है। चेयरपर्सन के अनुसार अब अगला चरण एआई के प्रभावी उपयोग, नवाचार क्षमता बढ़ाने और “डिजिटल ट्रस्ट” को मजबूत करने पर निर्भर करेगा।

वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपने डिजिटल विकास को दीर्घकालिक उत्पादकता और नवाचार में बदलने के लिए अनुसंधान, निवेश और संस्थागत सहयोग को मजबूत करना होगा।

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