अरुणाचल प्रदेश में ड्रग्स पर बड़ी कार्रवाई, 20 लाख की हेरोइन के साथ दो संदिग्ध गिरफ्तार

ईटानगर के चिम्पू मे पुलिस ने 163 ग्राम संदिग्ध हेरोइन जब्त की, जिसकी कीमत करीब 20 लाख रुपये है। मामले में दो संदिग्ध गिरफ्तार हुए और NDPS Act के तहत केस दर्ज है

अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चिम्पू से 163 ग्राम संदिग्ध हेरोइन जब्त की। इसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये है। पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर NDPS Act के तहत मामला दर्ज किया है।

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध ड्रग पेडलर्स को गिरफ्तार किया है। कैपिटल पुलिस की स्पेशल एक्शन टीम ने चिम्पू इलाके में देर रात चलाए गए अभियान के दौरान 163 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की। पुलिस के अनुसार, जब्त नशीले पदार्थ की अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये है। यह कार्रवाई विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर की गई। तलाशी के दौरान पुलिस को हेरोइन के अलावा बड़ी संख्या में पैकेजिंग और कथित वितरण सामग्री भी मिली। पुलिस ने मामले में NDPS Act, 1985 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

चिम्पू में देर रात पुलिस का ऑपरेशन

कैपिटल पुलिस, ईटानगर की स्पेशल एक्शन टीम ने चिम्पू इलाके में देर रात विशेष अभियान चलाया। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि इलाके में कुछ लोग कथित तौर पर मादक पदार्थों की बिक्री और वितरण में शामिल हैं। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई और कार्रवाई की। अभियान के दौरान दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में कुल 163 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक, जब्त हेरोइन की अनुमानित अवैध बाजार कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। बरामदगी के बाद दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।

हेरोइन के साथ पैकेजिंग सामग्री भी बरामद

तलाशी के दौरान पुलिस को कथित रूप से नशीले पदार्थों की पैकिंग और वितरण में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें मिलीं। इनमें आठ साबुन के डिब्बे, पांच तंबाकू के कंटेनर और संदिग्ध हेरोइन से भरी 18 प्लास्टिक शीशियां शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने 334 खाली प्लास्टिक शीशियां भी बरामद कीं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी संख्या में खाली शीशियां किस उद्देश्य से रखी गई थीं और क्या इनका इस्तेमाल कथित तौर पर हेरोइन को छोटी मात्रा में पैक करके वितरित करने के लिए किया जाना था।

पैकेजिंग सामग्री की बरामदगी के बाद पुलिस को आशंका है कि मामले में केवल व्यक्तिगत इस्तेमाल के बजाय कथित वितरण नेटवर्क की भूमिका भी हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

खुफिया सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

इस ऑपरेशन का नेतृत्व Chamrak Arun, APPS, DySP (HQ), ICR ने किया। उनके साथ SI Tejab Tadar, HC Tashi Wangchu, कॉन्स्टेबल Tasso Tasar, कॉन्स्टेबल Jumter Romin, कॉन्स्टेबल Joram Takum और कॉन्स्टेबल Kime Tubing अभियान में शामिल रहे। पूरी कार्रवाई कैपिटल ईटानगर के पुलिस अधीक्षक की निगरानी में की गई। पुलिस टीम ने तलाशी और बरामदगी की प्रक्रिया को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरा किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मादक पदार्थों की सप्लाई को रोकना और तस्करी से जुड़े नेटवर्क तक पहुंचना है।

मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जब्ती

पुलिस ने बताया कि तलाशी, जब्ती और सीलिंग की पूरी प्रक्रिया एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट तथा स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में की गई। Nyarik Diyum, Assistant Commissioner-cum-Executive Magistrate, ICR की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। इस दौरान Biri Sankar, Yora Goking और Safiqul Islam स्वतंत्र गवाह के तौर पर मौजूद रहे।

पुलिस के अनुसार, पूरी प्रक्रिया की तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड किए गए। इसके लिए e-Sakshya App का इस्तेमाल किया गया। कार्रवाई से संबंधित रिकॉर्ड SID No. 2052696424737 के तहत दर्ज किया गया है और इसकी तारीख 9 अगस्त 2026 बताई गई है। डिजिटल तरीके से कार्रवाई का रिकॉर्ड तैयार किए जाने से जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया में सबूतों के दस्तावेजीकरण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

NDPS Act के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने दोनों संदिग्धों के खिलाफ चिम्पू पुलिस स्टेशन में Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 यानी NDPS Act के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। NDPS कानून के तहत मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, खरीद, कब्जे, परिवहन और तस्करी पर कार्रवाई की जाती है। इस मामले में पुलिस अब बरामद पदार्थ की जांच के साथ आरोपियों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसे किस माध्यम से चिम्पू तक पहुंचाया गया। इसके साथ ही संभावित सप्लायर, डिस्ट्रीब्यूटर और अन्य संपर्कों की पहचान भी जांच का अहम हिस्सा है।

सप्लाई चेन और वितरण नेटवर्क की तलाश

दो संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद जांच का मुख्य फोकस कथित ड्रग सप्लाई चेन पर है। पुलिस यह जानना चाहती है कि जब्त हेरोइन का स्रोत क्या था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था या नहीं। बरामद 334 खाली प्लास्टिक शीशियों और अन्य पैकेजिंग सामग्री की भी जांच की जा रही है। इन वस्तुओं से पुलिस को कथित वितरण गतिविधियों के बारे में सुराग मिलने की उम्मीद है।

जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्कों, संभावित वित्तीय लेनदेन और मादक पदार्थों की आवाजाही से जुड़े अन्य सबूतों की भी पड़ताल कर सकती हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कैपिटल पुलिस की ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

कैपिटल पुलिस ने एक बार फिर ड्रग्स के खिलाफ अपनी Zero Tolerance नीति दोहराई है। पुलिस ने युवाओं, सामुदायिक संगठनों, वार्ड सदस्यों, कॉरपोरेटरों और आम लोगों से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी साझा करने की अपील की है।

पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए समुदाय का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों की सतर्कता से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय रहते पुलिस तक पहुंच सकती है और तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई संभव हो सकती है।

स्थानीय युवाओं के सहयोग की सराहना

कैपिटल पुलिस ने चिम्पू यूथ, नीति विहार यूथ और गंगा विलेज यूथ के सहयोग की भी विशेष रूप से सराहना की। पुलिस के अनुसार, इन स्थानीय युवा समूहों ने जागरूकता, सतर्कता और समुदाय के स्तर पर सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुलिस का मानना है कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने वाली एजेंसियों तक सीमित नहीं रह सकती। स्थानीय समुदायों और युवाओं की भागीदारी भी इस अभियान को मजबूत कर सकती है।

युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर

अरुणाचल प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और नशे की समस्या से निपटने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। हालिया कार्रवाई में हेरोइन की बरामदगी और दो संदिग्धों की गिरफ्तारी को इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

पुलिस अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। बरामद पदार्थ की पुष्टि, आरोपियों से पूछताछ और संभावित सप्लाई नेटवर्क की पहचान के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल 163 ग्राम संदिग्ध हेरोइन, पैकेजिंग सामग्री और अन्य सामान जब्त किया गया है। दो संदिग्ध पुलिस की गिरफ्त में हैं और जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित ड्रग नेटवर्क की पहुंच कितनी दूर तक है।

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