असम विधानसभा चुनाव 2026: JMM अकेले मैदान में, कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं, 19 सीटों पर उम्मीदवार घोषित

असम विधानसभा चुनाव 2026 में JMM अकेले चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं बन पाया। पार्टी ने 19 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर आदिवासी पर फोकस किया।

असम विधानसभा चुनाव के लिए JMM ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। कांग्रेस के साथ गठबंधन विफल होने के बाद पार्टी ने 19 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए। रणनीति आदिवासी और टी-ट्राइब वोट बैंक पर केंद्रित है।

Jharkhand News: असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार वह अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी। कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर कई दौर की बातचीत के बावजूद दोनों दल किसी सहमति पर नहीं पहुँच पाए। इसके बाद JMM ने 19 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है। पार्टी का फोकस असम में आदिवासी और टी-ट्राइब वोट बैंक पर है, जिससे वह चुनावी नतीजों में मजबूत प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रही है।

कांग्रेस के साथ गठबंधन विफल

JMM के शीर्ष नेतृत्व ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं के साथ कई दौर की चर्चा की। बातचीत में सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ, लेकिन अंत में कोई साझा समझौता नहीं बन पाया। इसके चलते पार्टी ने अपने दम पर चुनाव लड़ने का रास्ता अपनाया। JMM का मानना है कि अकेले चुनाव लड़कर भी वह असम में अपनी पहचान और प्रभाव बनाए रख सकती है।

19 सीटों पर उम्मीदवार घोषित

JMM ने असम में कुल 19 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। पार्टी को तीर-कमान चुनाव चिन्ह भी मिल गया है और उम्मीदवारों को यह चिन्ह सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने इस प्रक्रिया की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी उम्मीदवारों को उनके चुनाव चिन्ह वितरित किए जा चुके हैं।

प्रमुख उम्मीदवारों के नाम

पार्टी ने कुछ महत्वपूर्ण सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। माजबत विधानसभा सीट से प्रीति रेखा बरला को टिकट दिया गया है। वहीं, सोनारी सीट से बलदेव तेली को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, JMM ने सहयोगी दल CPIML के लिए एक सीट छोड़ने का निर्णय भी लिया है। इससे पार्टी ने यह संकेत दिया कि वह सहयोगियों के साथ सीमित समझौते को भी महत्व देती है।

आदिवासी और चाय बागान इलाकों पर रणनीति

JMM की चुनाव रणनीति असम के चाय बागान इलाकों और वहाँ रहने वाले टी-ट्राइब और आदिवासी वोट बैंक पर केंद्रित है। पार्टी को उम्मीद है कि इन क्षेत्रों में उसके प्रभाव और लोकप्रियता चुनावी नतीजों में सहायक साबित होगी। पिछले चुनावी अनुभवों और स्थानीय नेटवर्क के आधार पर JMM का मानना है कि यह रणनीति उनके लिए लाभदायक होगी।

झारखंड और असम के राजनीतिक समीकरण में अंतर

दिलचस्प बात यह है कि झारखंड में JMM और कांग्रेस मिलकर सरकार चला रहे हैं, लेकिन असम में दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि राज्यों के अनुसार राजनीतिक रणनीति और गठबंधन की दिशा बदलती रहती है। JMM असम में अपनी स्वतंत्र पहचान और स्थानीय वोट बैंक पर भरोसा कर रही है, जबकि झारखंड में सहयोगी गठबंधन से सरकार चला रही है।

चुनाव तिथियां

असम में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 9 अप्रैल को होना है। नामांकन की अंतिम तारीख आज है, जिसके चलते सभी राजनीतिक दल तेजी से अपने उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार कर रहे हैं। JMM ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं और उम्मीदवारों की घोषणा कर अपना चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी का मानना है कि समय रहते उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय प्रचार रणनीति उन्हें चुनावी मैदान में मजबूती देगा।

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