Assam में Amit Shah का बयान- घुसपैठियों पर होगी कार्रवाई, Congress पर साधा निशाना

Assam में Amit Shah का बयान- घुसपैठियों पर होगी कार्रवाई, Congress पर साधा निशाना

Assam दौरे पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने अवैध घुसपैठ को लेकर Congress पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और Himanta Biswa Sarma के अतिक्रमण मुक्त अभियान की सराहना की।

New Delhi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के नागांव जिले में बटाद्रवा सांस्कृतिक परियोजना के उद्घाटन के मौके पर घुसपैठ और राष्ट्रीय एकता को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक इस गंभीर मुद्दे पर आंखें मूंदे रखीं, जबकि अब ठोस कार्रवाई हो रही है। शाह ने असम और पूरे पूर्वोत्तर की राष्ट्रीय एकता पर जोर देते हुए कहा कि भाजपा का संकल्प है कि देश से सभी अवैध घुसपैठियों को हटाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अतिक्रमण मुक्ति अभियान की खुलकर सराहना की।

Gopinath Bordoloi की भूमिका को किया याद

बटाद्रवा थान में अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने भारत रत्न गोपीनाथ बोरदोलोई को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अगर गोपीनाथ बोरदोलोई नहीं होते, तो असम और पूरा पूर्वोत्तर आज भारत का अभिन्न अंग नहीं होता। शाह ने कहा कि गोपीनाथ बोरदोलोई ने जवाहरलाल नेहरू को मजबूर किया था कि असम को भारत में बनाए रखा जाए।

अमित शाह के अनुसार, असम की पहचान और भारत की एकता को मजबूत करने में गोपीनाथ बोरदोलोई की भूमिका ऐतिहासिक रही है। उन्होंने कहा कि आज जब हम पूर्वोत्तर की प्रगति और सुरक्षा की बात करते हैं, तो उस नींव को याद करना जरूरी है, जिसे इन महान नेताओं ने तैयार किया था।

Batadrava Than का सांस्कृतिक महत्व

अमित शाह ने महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की जन्मभूमि बटाद्रवा थान के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि बटाद्रवा थान केवल एक पूजा स्थल नहीं है, बल्कि यह असमिया समाज में एकता और सद्भाव का जीवंत प्रतीक है।

शाह ने कहा कि यहां सभी समुदाय नव-वैष्णव धर्म को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ आते हैं। श्रीमंत शंकरदेव द्वारा प्रचारित समावेशी वैष्णव परंपरा ने असमिया समाज को जोड़ने का काम किया है। यही वजह है कि बटाद्रवा थान असम की सांस्कृतिक आत्मा का केंद्र माना जाता है।

Batadrava Cultural Project की खासियत

असम सरकार द्वारा शुरू की गई बटाद्रवा सांस्कृतिक परियोजना का उद्देश्य इस पवित्र स्थल को विश्व स्तरीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र (Spiritual and Cultural Tourism Hub) के रूप में विकसित करना है। यह परियोजना अतिक्रमण मुक्त कराई गई 162 बीघा भूमि पर फैली हुई है और इसे लगभग 217 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है।

इस परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में विश्व का सबसे ऊंचा गुरु आसन, सत्तरिया संस्कृति से प्रेरित अतिथि गृह, पारंपरिक झांझ के आकार में बना कला केंद्र, खोल यानी ढोल के मॉडल पर आधारित अनुसंधान केंद्र, नाव के आकार का कौशल विकास केंद्र और पारंपरिक असमिया जापी की तर्ज पर निर्मित रंगमंच शामिल हैं। यह पूरा परिसर पारंपरिक असमिया वास्तुकला और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का संतुलित मेल प्रस्तुत करता है।

घुसपैठ पर BJP का सख्त रुख

अमित शाह ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे पर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरे देश से घुसपैठियों को हटाने का संकल्प लेती है। उन्होंने सवाल किया कि क्या श्रीमंत शंकरदेव की इस पवित्र भूमि पर बांग्लादेशी घुसपैठियों का होना उचित था।

शाह ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक शासन किया, लेकिन असम आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वालों के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियों के कारण ही असम को वर्षों तक इस समस्या का सामना करना पड़ा।

Himanta Biswa Sarma के अभियान की तारीफ

केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की खुले मंच से सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा ने घुसपैठियों को हटाकर नामघर स्थल को पुनः स्थापित करने का साहसिक फैसला लिया। शाह के अनुसार, असम में अब तक एक लाख बीघा से अधिक भूमि घुसपैठियों से मुक्त कराई जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि यह केवल जमीन वापस लेने का अभियान नहीं है, बल्कि यह असम की सांस्कृतिक पहचान और क्षेत्रीय अखंडता को सुरक्षित रखने का प्रयास है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि देश की जमीन पर अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Assam सरकार का विजन

इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि बटाद्रवा सांस्कृतिक परियोजना असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य के पूजनीय वैष्णव संत और समाज सुधारक श्रीमंत शंकरदेव के आदर्शों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना पारंपरिक असमिया सौंदर्यशास्त्र को आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ जोड़ती है। इससे न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी पैदा होंगे।

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