असम पुलिस दिवस पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी सेवा व बलिदान के लिए सलाम किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की 24x7 सतर्कता और कर्तव्य भावना के कारण राज्य के लोग शांति से रहते हैं।
गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को असम पुलिस दिवस के अवसर पर राज्य के पुलिसकर्मियों के योगदान और बलिदान को याद किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस बल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के समर्पण को साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि असम के लोग जिस शांति का अनुभव करते हैं, उसके पीछे वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों की चौबीसों घंटे की सतर्कता और जिम्मेदारी है।
असम पुलिस दिवस पर पुलिसकर्मियों को सलाम
असम पुलिस दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पुलिस बल के हर अधिकारी और कर्मचारी को सम्मानपूर्वक सलाम किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों के काम को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं बताया, बल्कि राज्य के नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक शांति से सीधे जुड़ा दायित्व बताया।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों की सेवाओं और बलिदानों को याद करते हुए उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों को निभाता है और राज्य में सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने के लिए लगातार काम करता है।
‘24 घंटे वर्दी में कोई खड़ा है, इसलिए असम में शांति है’
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पुलिसकर्मियों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा, “The people of Assam are in peace because someone in uniform is standing guard, 24×7.”
इस संदेश के जरिए मुख्यमंत्री ने यह बताने की कोशिश की कि राज्य में सामान्य जनजीवन और शांति के पीछे पुलिसकर्मियों की लगातार मौजूदगी और सतर्कता महत्वपूर्ण है।
उनके मुताबिक, पुलिसकर्मी दिन-रात अपनी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। उनकी जिम्मेदारी केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संभावित सुरक्षा चुनौतियों के बीच लगातार निगरानी बनाए रखना भी है।
‘साहस, संवेदना और कर्तव्य’ से जुड़ी पुलिस सेवा
मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की सेवा को तीन महत्वपूर्ण मूल्यों से जोड़ते हुए उसकी सराहना की—साहस, संवेदना और कर्तव्य के प्रति अटूट भावना।
पुलिसकर्मियों के लिए साहस इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें कई बार चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। वहीं, संवेदना पुलिस सेवा के मानवीय पक्ष को सामने लाती है, क्योंकि पुलिसकर्मियों का सीधा संपर्क आम नागरिकों और संकट का सामना कर रहे लोगों से होता है।
कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता इस पूरे काम का आधार है। मुख्यमंत्री का संदेश इसी निरंतर जिम्मेदारी को रेखांकित करता है, जिसके तहत पुलिसकर्मी राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपनी ड्यूटी निभाते हैं।
शांति और सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस की भूमिका
किसी भी राज्य में नागरिकों के लिए सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना पुलिस व्यवस्था की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। असम पुलिस भी राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम करती है।
असम पुलिस दिवस पर मुख्यमंत्री का संदेश इसी व्यापक जिम्मेदारी पर केंद्रित रहा। उन्होंने पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य को सम्मान देते हुए उनके योगदान को राज्य में शांति और सुरक्षा से जोड़ा।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आम नागरिकों का सामान्य जीवन तभी संभव है, जब सुरक्षा व्यवस्था लगातार सक्रिय रहे। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी कई बार सार्वजनिक नजरों से दूर होती है, लेकिन उनकी मौजूदगी राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करने का अवसर
असम पुलिस दिवस पुलिस बल की सेवा और बलिदान को याद करने का अवसर भी है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उन सभी पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मान दिया, जो राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।
पुलिस सेवा में तैनात कर्मचारियों को कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनकी प्रतिबद्धता और निरंतर ड्यूटी राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होती है।
मुख्यमंत्री के संदेश का प्रमुख केंद्र यही रहा कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के योगदान को पहचानना और उनका सम्मान करना जरूरी है।
नागरिकों की शांति के पीछे पुलिस की सतर्कता
हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने संदेश में पुलिस की चौबीसों घंटे की ड्यूटी को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब लोग अपने दैनिक जीवन में शांति से रहते हैं, तब भी सुरक्षा बलों के सदस्य अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहते हैं।
उनके सोशल मीडिया संदेश में यही विचार प्रमुखता से सामने आया कि राज्य की शांति अपने आप कायम नहीं रहती। इसके पीछे सुरक्षा व्यवस्था में लगे लोगों की निरंतर निगरानी और जिम्मेदारी होती है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान को इसी संदर्भ में सम्मान दिया और उनकी सेवा के लिए आभार व्यक्त किया।
पुलिस और समाज के बीच भरोसे का महत्व
कानून-व्यवस्था की प्रभावी व्यवस्था के लिए पुलिस और आम जनता के बीच भरोसा भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पुलिसकर्मी नागरिकों की सुरक्षा और कानून के पालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
असम पुलिस दिवस पर मुख्यमंत्री का संदेश पुलिस बल की इसी सार्वजनिक भूमिका पर केंद्रित रहा। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सेवा को राज्य की शांति और सुरक्षा से जोड़ते हुए उनके काम के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री के संदेश से यह भी स्पष्ट हुआ कि पुलिस सेवा में केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि नागरिकों के प्रति जवाबदेही और कर्तव्य की भावना भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के प्रति जताया सम्मान
गुरुवार को असम पुलिस दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का संदेश राज्य के पुलिस बल के प्रति सम्मान और आभार पर केंद्रित रहा। उन्होंने हर अधिकारी और कर्मचारी को उनके समर्पण के लिए सलाम किया और पुलिस सेवा में साहस, संवेदना तथा कर्तव्य भावना को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के लोगों की शांति के पीछे वर्दी में तैनात उन पुलिसकर्मियों की सतर्कता है, जो चौबीसों घंटे अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
असम पुलिस दिवस के मौके पर दिया गया यह संदेश राज्य में पुलिस बल की भूमिका, उसकी निरंतर ड्यूटी और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले प्रयासों को रेखांकित करता है।












