असम के श्रीभूमि में 13 करोड़ की मॉर्फिन जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

असम के श्रीभूमि मे पुलिस और असम राइफल्स ने संयुक्त कार्रवाई में 8 किलो से अधिक मॉर्फिन जब्त की। इसकी कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई गई है। एक आरोपी गिरफ्तार हुआ।

असम के श्रीभूमि जिले में पुलिस और असम राइफल्स ने संयुक्त अभियान में 8 किलोग्राम से अधिक मॉर्फिन जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 13 करोड़ रुपये है। मादक पदार्थ ईंधन टैंक के गुप्त चैंबर में छिपाया गया था। एक आरोपी गिरफ्तार हुआ।

श्रीभूमि: असम के श्रीभूमि जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने करीब 13 करोड़ रुपये कीमत की मॉर्फिन की खेप बरामद की है। संयुक्त अभियान के दौरान 8 किलोग्राम से अधिक मॉर्फिन जब्त की गई। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, नशीले पदार्थ को ईंधन टैंक के भीतर बनाए गए एक गुप्त चैंबर में छिपाकर रखा गया था। यह कार्रवाई असम में ड्रग तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए की गई इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ अहम सफलता माना जा रहा है।

खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया ऑपरेशन

अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों को श्रीभूमि जिले में मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप पहुंचने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। खुफिया इनपुट के आधार पर कछार और श्रीभूमि जिलों की पुलिस टीमों ने असम राइफल्स के साथ मिलकर संयुक्त अभियान शुरू किया। जांच के दौरान टीमों को बदरपुर घाट इलाके में एक ईंधन टैंक पर संदेह हुआ।

सुरक्षा बलों ने जब टैंक की गहन जांच की तो उसके अंदर एक गुप्त चैंबर का पता चला। तलाशी लेने पर वहां बड़ी मात्रा में मॉर्फिन छिपाकर रखी गई थी। अधिकारियों ने पूरी खेप को जब्त कर लिया और मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

8 किलो से ज्यादा मॉर्फिन बरामद

संयुक्त अभियान में 8 किलोग्राम से अधिक मॉर्फिन बरामद की गई। अधिकारियों ने जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई है। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ाई है।

मॉर्फिन एक शक्तिशाली ओपिओइड पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल चिकित्सकीय क्षेत्र में गंभीर दर्द को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। हालांकि, इसका अवैध इस्तेमाल और तस्करी गंभीर अपराध है। बिना अनुमति इसकी खरीद-बिक्री और वितरण पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाती है। बरामद मॉर्फिन को किस नेटवर्क के जरिए असम में लाया गया था और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जांच की जा रही है।

ईंधन टैंक के गुप्त चैंबर में छिपाई गई थी खेप

इस कार्रवाई की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि तस्करों ने कथित तौर पर मॉर्फिन को सामान्य तरीके से किसी वाहन में रखने के बजाय ईंधन टैंक के अंदर बनाए गए एक गुप्त चैंबर में छिपाया था। इस तरह की छिपाने की व्यवस्था सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती पैदा कर सकती है, क्योंकि सामान्य जांच के दौरान ऐसे छिपे हुए हिस्सों का आसानी से पता नहीं चलता।

हालांकि, खुफिया सूचना के आधार पर की गई गहन जांच के बाद सुरक्षा बलों को सफलता मिली। अधिकारियों का मानना है कि तस्करी में शामिल लोग सुरक्षा जांच से बचने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी वजह से पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

एक व्यक्ति गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी

मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मॉर्फिन की खेप कहां से आई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद नशीले पदार्थ को किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

इसके अलावा वाहन, तस्करी के रास्ते और संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है और यदि तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

हिमंत बिस्व सरमा ने सुरक्षा बलों की सराहना की

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए संयुक्त अभियान में शामिल पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान को और तेज किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के बीच समन्वय को इस कार्रवाई की सफलता में महत्वपूर्ण बताया। कछार और श्रीभूमि पुलिस के साथ असम राइफल्स की संयुक्त कार्रवाई से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किया गया। सरकार का कहना है कि असम को नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क से मुक्त करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को लगातार सक्रिय रखा जा रहा है।

असम में ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान तेज

असम की भौगोलिक स्थिति के कारण राज्य में पड़ोसी क्षेत्रों से होने वाली अवैध गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की लगातार नजर रहती है। मादक पदार्थों की तस्करी रोकना पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के लिए प्रमुख चुनौतियों में शामिल है।

पिछले कुछ वर्षों में असम सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता देने की बात कही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध वाहनों, तस्करी के संभावित मार्गों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर लगातार अभियान चलाती रही हैं। श्रीभूमि में हुई यह बरामदगी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। करीब 13 करोड़ रुपये मूल्य की मॉर्फिन की खेप जब्त किए जाने से सुरक्षा एजेंसियों को तस्करी के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर में मादक पदार्थों की तस्करी बड़ी चुनौती

पूर्वोत्तर भारत की भौगोलिक स्थिति इसे अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय तस्करी के संभावित मार्गों के करीब रखती है। ऐसे में विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय तस्करी रोकने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर सार्वजनिक स्वास्थ्य, युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से बड़ी खेप की बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियां महत्वपूर्ण कार्रवाई के तौर पर देखती हैं।

श्रीभूमि की हालिया कार्रवाई में भी अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय देखने को मिला। खुफिया सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और असम राइफल्स की टीमों ने मिलकर कार्रवाई की और कथित तौर पर छिपाकर रखी गई मॉर्फिन बरामद कर ली।

तस्करी के स्रोत का पता लगाने में जुटी एजेंसियां

अब जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि जब्त की गई मॉर्फिन कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ के साथ-साथ जब्त वाहन और अन्य संभावित सबूतों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां तस्करी के संभावित रास्ते, खेप के अंतिम गंतव्य और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं। यदि जांच में बड़े नेटवर्क का पता चलता है तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

फिलहाल सुरक्षा बलों ने 8 किलोग्राम से अधिक मॉर्फिन को जब्त कर लिया है और एक आरोपी पुलिस की हिरासत में है। मामले की आगे की जांच के बाद ही तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे की साजिश की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का संदेश

श्रीभूमि में हुई कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि असम में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां खुफिया सूचनाओं और संयुक्त अभियानों पर जोर दे रही हैं। ईंधन टैंक के गुप्त चैंबर से इतनी बड़ी मात्रा में मॉर्फिन बरामद होना तस्करी के तरीकों को लेकर भी जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी है।

करीब 13 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत वाली इस खेप की बरामदगी के बाद अब जांच का अगला चरण तस्करी के स्रोत और पूरे नेटवर्क तक पहुंचना है। एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस मामले में आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

Leave a comment