असम STF ने पाकिस्तान-आधारित आतंकी नेटवर्क के संदिग्ध ऑपरेटिव को पकड़ा

असम STF ने हैलाकांडी में पाकिस्तान-आधारित कथित आतंकी नेटवर्क के 21 वर्षीय संदिग्ध ऑपरेटिव को गिरफ्तार किया। कार्रवाई तीन गिरफ्तारियों से मिले सुरागों पर हुई।

असम STF ने हैलाकांडी के रामनाथपुर इलाके से पाकिस्तान-आधारित कथित आतंकी नेटवर्क के 21 वर्षीय संदिग्ध ऑपरेटिव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई जुलाई में तीन जिलों से पकड़े गए संदिग्धों से मिले सुरागों के आधार पर की गई।

गुवाहाटी: असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तान स्थित कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े एक संदिग्ध ऑपरेटिव को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई असम के हैलाकांडी जिले में की गई। पुलिस के मुताबिक, 21 वर्षीय संदिग्ध को बुधवार को रामनाथपुर इलाके से एक संयुक्त अभियान के दौरान हिरासत में लिया गया। अभियान में STF के साथ हैलाकांडी पुलिस की टीम भी शामिल थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवक पर पाकिस्तान स्थित कथित आतंकी संगठन शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) से जुड़े होने का संदेह है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी असम में इस नेटवर्क की कथित गतिविधियों और संभावित सीमा-पार आतंकी संपर्कों की जांच में महत्वपूर्ण सफलता है। हालांकि, संदिग्ध के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

पहले गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से मिली अहम जानकारी

अधिकारियों के अनुसार, हैलाकांडी में हुई ताजा गिरफ्तारी पिछले मामले की जांच से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। इससे पहले 25 जुलाई को असम के धुबरी, चिरांग और बारपेटा जिलों से इसी कथित नेटवर्क से जुड़े तीन संदिग्ध ऑपरेटिव गिरफ्तार किए गए थे।

इन गिरफ्तारियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपियों से जुड़े संपर्कों, गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर STF ने हैलाकांडी में मौजूद एक अन्य संदिग्ध की पहचान की और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।

इसके बाद STF और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर रामनाथपुर इलाके से 21 वर्षीय संदिग्ध को गिरफ्तार किया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से जांच एजेंसियों को कथित नेटवर्क के स्थानीय संपर्कों और उसके काम करने के तरीके को समझने में मदद मिल सकती है।

असम में नेटवर्क की मौजूदगी की जांच

सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरफ्तार संदिग्ध का कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों से किस तरह का संपर्क था। जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि क्या संदिग्ध केवल ऑनलाइन या संचार माध्यमों के जरिए नेटवर्क से जुड़ा था या उसकी भूमिका इससे आगे भी थी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां संदिग्ध के संपर्कों, संचार गतिविधियों और संभावित सहयोगियों से जुड़ी जानकारी जुटा रही हैं। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कथित नेटवर्क ने असम में अपने संपर्कों का विस्तार किस तरह किया।

असम की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां राज्य में सीमा-पार नेटवर्क और संदिग्ध आतंकी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखती हैं। राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं और पूर्वोत्तर क्षेत्र की संवेदनशील सुरक्षा स्थिति इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाती है।

25 जुलाई की गिरफ्तारियों के बाद बढ़ी जांच

इस मामले में 25 जुलाई की गिरफ्तारियां जांच का अहम आधार बनीं। धुबरी, चिरांग और बारपेटा जिलों से तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद एजेंसियों को कथित शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े नए सुराग मिले।

इन सुरागों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया और संभावित रूप से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश की गई। इसी प्रक्रिया में हैलाकांडी के रामनाथपुर इलाके में रहने वाले 21 वर्षीय संदिग्ध तक जांच एजेंसियां पहुंचीं।

अधिकारियों का मानना है कि अलग-अलग जिलों में सामने आए मामलों को जोड़कर देखने से कथित नेटवर्क की संरचना और उसके संपर्कों की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन कर रही हैं।

पाकिस्तान-आधारित नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

भारत की सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से पाकिस्तान से संचालित या पाकिस्तान से जुड़े कथित आतंकी नेटवर्कों की गतिविधियों पर नजर रखती रही हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां स्थानीय स्तर पर मौजूद संदिग्ध संपर्कों, डिजिटल संचार और संभावित वित्तीय या लॉजिस्टिक नेटवर्क की पड़ताल करती हैं।

हैलाकांडी में हुई गिरफ्तारी इसी व्यापक सुरक्षा जांच का हिस्सा बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में विभिन्न स्तरों पर जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गिरफ्तार संदिग्ध की कथित भूमिका कितनी व्यापक थी और नेटवर्क के साथ उसका संपर्क किस अवधि से था।

जांच एजेंसियां इस बात की भी पुष्टि कर रही हैं कि क्या गिरफ्तार व्यक्ति की गतिविधियां किसी अन्य जिले में पकड़े गए संदिग्धों से जुड़ी थीं। यदि ऐसे संबंधों की पुष्टि होती है, तो मामले में आगे और गिरफ्तारियां या कार्रवाई संभव हो सकती है।

सीमा-पार आतंकी गतिविधियों पर कार्रवाई

असम पुलिस ने इस अभियान को राज्य में कथित सीमा-पार आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य ऐसे नेटवर्कों की स्थानीय मौजूदगी का पता लगाना और उनके संभावित संपर्कों को खत्म करना है।

हालांकि, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी अपने आप में उसके अपराध का अंतिम प्रमाण नहीं होती। आरोपों की पुष्टि जांच, साक्ष्यों और अदालत में चलने वाली कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी। इसलिए गिरफ्तार संदिग्ध की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।

फिलहाल STF और हैलाकांडी पुलिस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित संपर्कों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहले की गिरफ्तारियों से मिले सुरागों को ताजा मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।

जांच के आगे बढ़ने के साथ सामने आएगी पूरी तस्वीर

हैलाकांडी में 21 वर्षीय संदिग्ध की गिरफ्तारी ने असम में कथित पाकिस्तान-आधारित आतंकी नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा चिंताएं फिर सामने ला दी हैं। जुलाई में तीन जिलों में हुई गिरफ्तारियों के बाद यह कार्रवाई जांच एजेंसियों के लिए एक और महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।

अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि गिरफ्तार संदिग्ध की नेटवर्क में वास्तविक भूमिका क्या थी, उसके कितने संपर्क थे और क्या कथित संगठन ने असम के अन्य हिस्सों में भी अपना नेटवर्क स्थापित किया था। इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है।

सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल उपलब्ध खुफिया जानकारी और गिरफ्तारियों से मिले सुरागों के आधार पर नेटवर्क की पूरी संरचना का पता लगाने में जुटी हैं। यदि जांच में अतिरिक्त लोगों या संगठनों की संलिप्तता सामने आती है, तो कानून के तहत आगे कार्रवाई की जा सकती है।

असम STF की ताजा कार्रवाई यह भी दिखाती है कि राज्य में सुरक्षा एजेंसियां संभावित आतंकी नेटवर्क और सीमा-पार संपर्कों को लेकर सतर्क हैं। 25 जुलाई की गिरफ्तारियों से शुरू हुई जांच अब हैलाकांडी तक पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में इसके आधार पर और तथ्य सामने आने की संभावना है।

Leave a comment