अयोध्या में सनसनी: सरयू नदी से बरामद हुआ बस्ती का सीनियर दरोगा अजय गौड़ का शव

अयोध्या में सरयू नदी से बस्ती के सीनियर दरोगा अजय गौड़ का शव बरामद। परिवार हत्या की आशंका जता रहा है। पोस्टमार्टम और पुलिस जांच जारी।

अयोध्या में दरोगा अजय गौड़ की लाश मिलने से पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई है। परिवार का कहना है कि यह हत्या योजनाबद्ध थी। मौत के असली कारण पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।

Uttar pradesh: बस्ती जिले के परशुरामपुर थाने में तैनात 2016 बैच के सीनियर दरोगा (SSI) अजय गौड़ 5 फरवरी को सुबह ड्यूटी के लिए घर से निकले थे। वह अपने किराए के मकान में पत्नी रंजीता और दो बच्चों के साथ रहते थे। बड़े बेटे की पढ़ाई कानपुर में चल रही है।

अजय गौड़ आखिरी बार सीसीटीवी फुटेज में थाने के सफाईकर्मी के साथ बाइक पर जाते हुए नजर आए थे। शाम करीब 5 बजे उनका फोन बंद हो गया। पत्नी रंजीता ने सुबह थाने में पूछताछ की तो पता चला कि अजय गायब हैं। उन्होंने तुरंत गुमशुदगी दर्ज कराई और हत्या की आशंका जताई।

कुआनो नदी किनारे मिली बाइक

6 फरवरी को अजय की बाइक थाने से 50 किमी दूर कुआनो नदी के अमहट घाट पर मिली। मोबाइल और सीयूजी नंबर का आखिरी लोकेशन भी वहीं दर्ज हुआ। यह देखकर पत्नी रंजीता ने अनुमान लगाया कि पति को बंधक बनाया गया और किसी भरोसेमंद व्यक्ति ने धोखा दिया।

पुलिस ने SDRF गोरखपुर की मदद से कुआनो नदी में तीन दिनों तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रविवार शाम करीब सात बजे अयोध्या के तिघुरा माझा गांव के पास सरयू नदी में शव उतरता देखा गया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव बाहर निकाला और पहचान कराई।

परिजनों का आरोप

अजय गौड़ के छोटे भाई और वर्तमान ADm अरुण कुमार ने मामले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह प्लांड मर्डर है। उन्होंने पूरे थाने को सस्पेंड करने और सीओ पर कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस ने समय पर काम नहीं किया और मामले को ठीक से नहीं संभाला।

अजय गौड़ के पिता रिटायर्ड इंस्पेक्टर रामचंद्र प्रसाद ने भी कहा कि उनका बेटा किडनैपिंग के बाद हत्या का शिकार हुआ। उनका कहना है कि परशुरामपुर थाने से अकेले बाइक पर जाते समय उन्हें रोकना चाहिए था।

पत्नी रंजीता ने उठाए गंभीर सवाल

पति के लापता होने के बाद रंजीता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानकारी छुपाई और पति की लोकेशन जांचने में देरी की। उनका कहना है कि कुआनो घाट पर मिली बाइक पुलिस को गुमराह करने के लिए रखी गई। रंजीता का मानना है कि अजय वहीं आसपास ही थे, और किसी भरोसेमंद व्यक्ति ने धोखा दिया।

रंजीता ने कहा, ‘मेरा भाई मरा है, आपका नहीं। उसके साथ जो हुआ, उसकी जांच होनी चाहिए। पुलिस और सीओ की जवाबदेही तय होनी चाहिए। मैं तब तक शांत नहीं बैठूंगी जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।‘

पोस्टमार्टम 

बस्ती एसपी यशवीर सिंह ने कहा कि शव को बरामद कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना न सिर्फ पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी है, बल्कि आम लोगों में भी पुलिस सुरक्षा और भरोसे को लेकर सवाल खड़े कर रही है। अजय गौड़ की मौत पर कई सवाल अभी अनसुलझे हैं, जैसे कि वह अकेले बाइक पर क्यों निकले, उनका सर्विस रिवॉल्वर और मोबाइल कहां हैं, और शव कुआनो नदी के बजाय सरयू नदी में कैसे पहुंचा।

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