आजम खान के छह शत्रु संपत्ति मामलों को एक साथ सुनने पर 11 अगस्त को फैसला, कोर्ट में पूरी हुई सुनवाई

एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने आजम खान के शत्रु संपत्ति से जुड़े छह मामलों की संयुक्त सुनवाई की अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा। अदालत 11 अगस्त को आदेश सुनाएगी।

सपा नेता आजम खान के खिलाफ दर्ज शत्रु संपत्ति से जुड़े छह मामलों की संयुक्त सुनवाई की मांग पर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत इस अर्जी पर 11 अगस्त को अपना आदेश सुनाएगी।

रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के खिलाफ शत्रु संपत्ति से जुड़े छह मामलों को एक साथ सुनने की मांग पर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली है। अदालत ने इस अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखते हुए 11 अगस्त की तारीख निर्धारित की है। यदि अर्जी मंजूर होती है, तो सभी मामलों की सुनवाई एक साथ की जा सकेगी।

छह मामलों की संयुक्त सुनवाई की मांग पर अदालत करेगी फैसला

रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के खिलाफ दर्ज शत्रु संपत्ति से संबंधित छह मामलों को एक साथ सुनने की मांग पर अदालत 11 अगस्त को फैसला सुनाएगी। इन मामलों में चार मुकदमे अजीमनगर थाने और दो मुकदमे सिविल लाइंस कोतवाली में वर्ष 2019 के दौरान दर्ज किए गए थे। सभी मामलों की सुनवाई फिलहाल एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।

आजम खान की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत में अर्जी दाखिल कर कहा है कि सभी मुकदमों का विषय और प्रकृति समान है। ऐसे में अलग-अलग सुनवाई के बजाय इनकी पत्रावली को एक साथ जोड़कर सुनवाई की जानी चाहिए। अदालत ने मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया और 11 अगस्त को फैसला सुनाने की तारीख तय की।

ज्यादातर मामलों में गवाही की प्रक्रिया चल रही है

अदालत में विचाराधीन इन मामलों में अधिकांश मुकदमे गवाही के चरण में हैं। यदि अदालत संयुक्त सुनवाई की अनुमति देती है, तो आगे की न्यायिक प्रक्रिया एक साथ संचालित की जा सकेगी। वहीं यदि अर्जी खारिज होती है, तो सभी मामलों की अलग-अलग सुनवाई पहले की तरह जारी रहेगी।

इसी बीच, वर्ष 2016 के चर्चित डूंगरपुर प्रकरण में भी सुनवाई आगे बढ़ी। अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी होने के बाद अदालत ने आजम खान और अन्य आरोपितों को बचाव पक्ष के साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया है। मंगलवार को आजम खान के अधिवक्ता ने अदालत में सफाई साक्ष्य प्रस्तुत किए और 11 गवाहों की सूची दाखिल की। इस मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी, जिसमें बचाव पक्ष अपने गवाह पेश करेगा। सुनवाई के दौरान आजम खान जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए।

डूंगरपुर प्रकरण में भी कई मामले अब भी विचाराधीन

डूंगरपुर मामला वर्ष 2016 से जुड़ा है, जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और आजम खान राज्य सरकार में मंत्री थे। वर्ष 2019 में दर्ज शिकायतों में आरोप लगाया गया कि आसरा आवास परियोजना के लिए कुछ लोगों के मकानों को जबरन खाली कराया गया और उन्हें ध्वस्त किया गया। बाद की जांच में अन्य आरोपितों के बयानों के आधार पर पुलिस ने आजम खान को भी आरोपी बनाया।

इन मामलों की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित मामलों में कुछ मामलों का निर्णय हो चुका है, जबकि पांच मामले अभी भी विचाराधीन हैं और उनकी संयुक्त सुनवाई की जा रही है।

डूंगरपुर प्रकरण में आजम खान के अलावा पूर्व सीओ आले हसन खान, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र चौहान, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खान और बरकत अली सहित अन्य लोग भी आरोपी हैं। अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी हो चुकी है और अब अदालत बचाव पक्ष के साक्ष्यों के आधार पर आगे की सुनवाई करेगी। फिलहाल सभी की निगाहें 11 अगस्त को आने वाले उस फैसले पर हैं, जिसमें यह तय होगा कि शत्रु संपत्ति से जुड़े छह मामलों की सुनवाई एक साथ होगी या अलग-अलग।

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