बाड़मेर के पुराने बिजली घर में ट्रांसफार्मर ऑयल ड्रम से आग भड़क गई, जिससे आसपास के घर खाली कराए गए। फायर ब्रिगेड ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और बड़ा नुकसान होने से रोका गया।
बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर शहर में मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब राय कॉलोनी रोड स्थित पुराने बिजली घर (पावर हाउस) परिसर में अचानक भीषण आग भड़क उठी। यह घटना दोपहर करीब 3 बजे की है, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया।
आग इतनी तेजी से फैली कि इसकी लपटें न केवल बिजली विभाग के कार्यालय तक पहुंच गईं, बल्कि पास के दो आवासीय घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। स्थिति को गंभीर होते देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी तुरंत बाहर निकल आए।
ट्रांसफार्मर ऑयल और स्क्रैप बना आग की बड़ी वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत एईएन (Assistant Engineer) ऑफिस के बाहर पड़े स्क्रैप और कबाड़ से हुई। इसी स्थान के पास ट्रांसफार्मर ऑयल से भरे ड्रम भी रखे हुए थे, जिससे आग तेजी से फैल गई।
अधिकारियों के अनुसार, गर्मी और संभावित शॉर्ट सर्किट को भी आग लगने की वजह माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारण की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी।
जैसे ही आग ने तेल से भरे ड्रमों को अपनी चपेट में लिया, लपटें और भी ज्यादा तेज हो गईं, जिससे पूरा परिसर धुएं और आग की चपेट में आ गया।
दो घरों तक पहुंची आग, गैस सिलेंडर तुरंत हटाए गए
आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि यह बिजली विभाग के ऑफिस से सटे दो रिहायशी घरों तक पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की।
घरों में रखे गैस सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इसके साथ ही करीब 10 से 12 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया।

स्थानीय लोगों में आग को लेकर काफी डर और दहशत का माहौल बन गया था।
फायर ब्रिगेड की सात गाड़ियों ने एक घंटे में पाया काबू
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। कुल सात फायर ब्रिगेड गाड़ियों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया।
करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। इस दौरान नगर परिषद, एयरफोर्स और केयर्न की फायर टीमों ने भी सहायता की।
हालांकि, आग लगने से बिजली सब स्टेशन और आसपास के ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है।
प्रशासन की तत्परता से टला बड़ा हादसा
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और पुलिस अधीक्षक चुनाराम जाट मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने बताया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था।
बाड़मेर एएसपी नितेश आर्य ने बताया कि प्राथमिक जांच में आग का कारण स्क्रैप में लगी चिंगारी या शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
सुरक्षा को लेकर दिए गए सख्त निर्देश
घटना के बाद जिला प्रशासन ने सभी बिजली सब स्टेशनों और सरकारी परिसरों को निर्देश जारी किए हैं कि:
- स्क्रैप और कबाड़ को तुरंत हटाया जाए
- ज्वलनशील सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए
- आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी और फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध हों
कलेक्टर ने यह भी कहा कि ऐसे सभी स्थानों की जांच कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों में दहशत, लेकिन बड़ा हादसा टला
आग लगने के बाद पूरे इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। आसपास के लोगों में काफी डर का माहौल था, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय पर प्रशासन और फायर ब्रिगेड नहीं पहुंचती, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।








