Badrinath Dham में टूटा श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड, 18.70 लाख से ज्यादा भक्तों ने किए दर्शन

Badrinath Dham में इस साल श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। अक्टूबर की शुरुआत में ही 18.70 लाख से अधिक भक्त दर्शन कर चुके हैं और 2023 का पुराना

बदरीनाथ धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्राद्ध पक्ष के दौरान देश-विदेश से लोग अपने पितरों का पिंडदान और तर्पण करने के लिए बदरीनाथ पहुंच रहे हैं।

Badrinath Dham Record: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। यात्रा सीजन के दौरान अक्टूबर की शुरुआत में ही बदरीनाथ मंदिर में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 18.70 लाख से अधिक पहुंच गई है। इसके साथ ही वर्ष 2023 में दर्ज 18.39 लाख श्रद्धालुओं का पिछला रिकॉर्ड भी टूट गया है। यात्रा अभी जारी है, इसलिए आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

बदरीनाथ धाम उत्तराखंड के चारधामों में प्रमुख तीर्थस्थल है और हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस वर्ष यात्रा शुरू होने के बाद से ही तीर्थयात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही पिछले सर्वाधिक आंकड़े को पार करना यात्रा के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

2023 का रिकॉर्ड हुआ पीछे

वर्ष 2023 में बदरीनाथ धाम में करीब 18 लाख 39 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। यह उस समय तक मंदिर में पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की सबसे बड़ी संख्या थी। इस वर्ष यात्रा की रफ्तार लगातार बनी रहने के कारण यह आंकड़ा अक्टूबर की शुरुआत में ही पार हो गया। 18.70 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि यात्रा समाप्त होने तक कुल संख्या कितनी पहुंचती है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इस वर्ष बदरीनाथ धाम में 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

हेमकुंड साहिब में भी बना नया रिकॉर्ड

बदरीनाथ धाम के साथ ही सिखों के प्रमुख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में भी इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। अब तक यहां 3.67 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। खास बात यह है कि हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने में अभी कुछ दिन बाकी हैं। ऐसे में यात्रा के अंतिम चरण में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इससे यहां आने वाले तीर्थयात्रियों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब दोनों जगह बढ़ती श्रद्धालु संख्या को उत्तराखंड के मौजूदा यात्रा सीजन के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है। लगातार बढ़ती भीड़ पर्यटन और धार्मिक यात्रा से जुड़े स्थानीय कारोबार के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

ब्रह्मकपाल में पिंडदान के लिए जुट रही भीड़

इन दिनों बदरीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल तीर्थ पर भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंच रही है। श्राद्ध पक्ष के दौरान यहां देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों से भी लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण करने पहुंचते हैं। ब्रह्मकपाल तीर्थ अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान का संबंध भगवान शिव और ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति की कथा से जुड़ा हुआ है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और फिर पिंडदान की आवश्यकता नहीं रहती।

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