वार्ड-95 में विधायक के घर के सामने कूड़े का ढेर कभी नवाबी शान का प्रतीक था बाग फरजाना, अब गंदगी से जूझ रहे लोग

कानपुर के वार्ड-95 स्थित बाग फरजाना में विधायक के घर के सामने कूड़े का ढेर लगा है। लोग गंदगी से परेशान हैं और पुराने नवाबी दौर को याद कर रहे हैं।
वार्ड-95 में विधायक के घर के सामने कूड़े का ढेर कभी नवाबी शान का प्रतीक था बाग फरजाना, अब गंदगी से जूझ रहे लोग
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शहर का वार्ड-95 स्थित बाग फरजाना कभी अपनी खूबसूरती, हरियाली और नवाबी ठाठ-बाट के लिए जाना जाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके का इतिहास मुगल काल से जुड़ा हुआ है और माना जाता है कि इसे बादशाह शाहजहां के दौर में बसाया गया था। लेकिन आज यही इलाका गंदगी और बदहाल सफाई व्यवस्था की वजह से चर्चा में है।

इलाके के लोगों का कहना है कि वार्ड में विधायक के आवास के सामने ही कूड़े का बड़ा ढेर लगा हुआ है। कई दिनों तक कचरा नहीं उठाए जाने से दुर्गंध फैल रही है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, बरसात के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है। कूड़े के ढेर के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि इलाके की पहचान कभी बाग-बगीचों और साफ-सुथरे वातावरण से होती थी, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।

एक बुजुर्ग निवासी ने कहा, "कभी यहां नवाबी ठाठ थे। दूर-दूर से लोग इस इलाके की खूबसूरती देखने आते थे, लेकिन अब हालत ऐसी हो गई है कि घर से बाहर निकलते ही कूड़े का ढेर दिखाई देता है।"

निवासियों का कहना है कि सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर गंदगी फैली हुई है, वह जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की नजर से दूर नहीं है। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लोगों ने नगर निगम से नियमित सफाई, कूड़ा उठाने की व्यवस्था मजबूत करने और इलाके की पुरानी पहचान को बचाने की मांग की है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बाग फरजाना केवल एक वार्ड नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा है। ऐसे में इसकी अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि यदि सफाई व्यवस्था में सुधार किया जाए और सार्वजनिक स्थानों का बेहतर रखरखाव हो, तो यह इलाका फिर से अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सकता है।

फिलहाल वार्ड-95 के लोग प्रशासन और नगर निगम की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव चाहिए, ताकि बाग फरजाना एक बार फिर अपनी नवाबी शान और स्वच्छ पहचान के लिए जाना जा सके।

 

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