अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव में उदारवाद, धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता की जीत हुई है। चिदंबरम ने इसे दुनिया के लोकतांत्रिक देशों के लिए महत्वपूर्ण सबक बताया।
नई दिल्ली: अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार पर भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने शुक्रवार, 6 नवंबर को चुनाव नतीजों को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता ने आखिरकार उदारवाद, धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता को महत्व दिया है। चिदंबरम के मुताबिक, इन नतीजों में उन सभी लोगों के लिए सीख है, जो एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश में रहना चाहते हैं।
अमेरिकी चुनाव नतीजों पर पी चिदंबरम ने क्या कहा?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत को लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए चुनाव प्रचार के दौरान उठाए गए मुद्दों पर सवाल किए। चिदंबरम ने लिखा कि अमेरिका में चुनाव के दौरान अवैध प्रवासियों, एशियाई और लैटिन अमेरिकी लोगों के कथित अतिक्रमण और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बनाई गई धारणाओं को काफी जोर-शोर से उठाया गया।
उनके मुताबिक, इस तरह की बयानबाजी के बीच आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां पीछे छूटने का खतरा पैदा हो गया था। इनमें महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल की कीमतें और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल थे। चिदंबरम ने कहा कि आखिरकार अमेरिकी मतदाताओं ने उदारवाद, धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता के पक्ष में फैसला दिया।
उन्होंने इसे अमेरिका की बुनियादी लोकतांत्रिक भावना की जीत बताया। पूर्व वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इन चुनाव नतीजों से हर उस व्यक्ति को सीख लेनी चाहिए, जो एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश का नागरिक बनना चाहता है।
ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी
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अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को हुए मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए निराशाजनक रहे। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों, प्रतिनिधि सभा और सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। इससे ट्रंप प्रशासन के सामने अपने बाकी कार्यकाल में नई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी होंगी।
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट की कम से कम सात सीटें रिपब्लिकन पार्टी से छीनी हैं। प्रतिनिधि सभा में भी डेमोक्रेट्स ने दो दर्जन से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की, जिनमें कई ऐसे इलाके शामिल हैं जहां 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को मजबूत समर्थन मिला था। ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं से अपील की थी कि वे रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट देते समय ऐसा समझें जैसे वह खुद चुनाव लड़ रहे हों। हालांकि, नतीजे उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे।
टेक्सास, जॉर्जिया और ओहायो में भी बदली सरकार
डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत केवल अमेरिकी कांग्रेस तक सीमित नहीं रही। पार्टी ने कई ऐसे राज्यों में भी गवर्नर पद जीत लिए, जहां लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा था। टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जीना हिनोजोसा ने मौजूदा गवर्नर ग्रेग एबॉट को हराया। जॉर्जिया में कीशा लांस बॉटम्स और ओहायो में एमी एक्टन ने जीत दर्ज की।
आयोवा में रॉब सैंड ने रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराकर डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए बड़ी सफलता हासिल की। सीनेट चुनाव में भी टेक्सास, ओहायो, आयोवा, कंसास, मेन, उत्तरी कैरोलिना और दक्षिण कैरोलिना जैसे राज्यों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने रिपब्लिकन पार्टी की सीटें जीतीं। इन नतीजों ने दिखाया कि डेमोक्रेटिक पार्टी को इस बार अपने पारंपरिक समर्थकों के साथ कई ऐसे मतदाताओं का भी समर्थन मिला, जिन्होंने पिछले चुनावों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट दिया था।









