IIT गोवा का एक अनोखा प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। इसमें छात्रों को खुद सवाल तैयार करने और उनके जवाब लिखने थे। हालांकि, ऐसा प्रश्नपत्र 2021 में भी सामने आया था। फिलहाल इसे 2026 की नई परीक्षा बताने की पुष्टि नहीं हुई है।
नई दिल्ली: आमतौर पर परीक्षा में शिक्षक सवाल तैयार करते हैं और छात्र उनके जवाब लिखते हैं। लेकिन IIT गोवा के एक प्रश्नपत्र में छात्रों को अपने सवाल खुद बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। Analog Circuits विषय के इस पेपर की तस्वीर सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर की जा रही है। इसे नए परीक्षा पैटर्न से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि इसी तरह का प्रश्नपत्र मई 2021 में भी चर्चा में आया था।
IIT गोवा के पेपर में छात्रों को क्या करना था?
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) गोवा का एक पुराना परीक्षा पेपर सोशल मीडिया पर फिर लोगों का ध्यान खींच रहा है। आईआईटीयन आकाश संपूर्णानंद पांडेय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर कर इस अनोखे तरीके का जिक्र किया है। पोस्ट के साथ EE 233 Analog Circuits विषय के प्रश्नपत्र की तस्वीर भी साझा की गई है।
![]()
इस पेपर की सबसे अलग बात यह थी कि छात्रों के सामने पहले से तैयार सवाल नहीं रखे गए थे। उन्हें पूरे सेमेस्टर में पढ़ाए गए विषयों को ध्यान में रखते हुए खुद सवाल बनाने थे। इसके बाद उन्हीं सवालों के जवाब भी लिखने थे।
छात्रों को लेक्चर 1 से लेकर लेक्चर 30 तक पढ़ाए गए टॉपिक्स के आधार पर 60 अंकों के सवाल तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। सवाल ऐसे होने चाहिए थे जिनसे यह पता चल सके कि छात्र ने विषय को कितनी अच्छी तरह समझा है।
इस तरह परीक्षा में केवल याद किए हुए जवाब लिखना काफी नहीं था। छात्रों को यह भी तय करना था कि पढ़ाए गए विषयों में कौन-सी बातें महत्वपूर्ण हैं और उनसे किस तरह के सवाल तैयार किए जा सकते हैं।
70 अंकों के पेपर में सवाल बनाने और जवाब लिखने के अलग नंबर
वायरल प्रश्नपत्र में कुल 70 अंक निर्धारित थे। इसमें सवाल तैयार करने के लिए 30 अंक और उनके जवाब लिखने के लिए 40 अंक रखे गए थे। छात्रों को पूरे पेपर के लिए तीन घंटे का समय दिया गया था।
पेपर में यह शर्त भी रखी गई थी कि छात्र सवाल तैयार करते समय अपने दोस्तों से चर्चा नहीं करेंगे। अगर दो या उससे अधिक छात्रों के सवालों में ज्यादा समानता मिलती है, तो उनके अंक कम किए जा सकते हैं।
इस नियम के पीछे छात्रों की अपनी समझ को परखने का उद्देश्य था। सवाल बनाने के दौरान उन्हें यह दिखाना था कि उन्होंने क्लास में पढ़ाए गए कॉन्सेप्ट कितने समझे हैं।
हालांकि, यह परीक्षा आसान भी नहीं कही जा सकती। किसी विषय का जवाब याद कर लेना और उसी विषय से सही सवाल तैयार करना दो अलग बातें हैं। अच्छे सवाल बनाने के लिए छात्र को पूरे टॉपिक की जानकारी होनी जरूरी है।
IIT गोवा का यह पेपर नया है या पुराना?
सोशल मीडिया पर IIT गोवा के जिस पेपर की तस्वीर घूम रही है, उसे लेकर लोग अलग-अलग बातें कर रहे हैं। कुछ इसे परीक्षा का नया तरीका बता रहे हैं। हालांकि, इसी तरह का पेपर पांच साल पहले भी खबरों में आया था। मई 2021 में IIT गोवा के Analog Circuits विषय की एक परीक्षा काफी चर्चा में रही थी। उस समय कोरोना के चलते कॉलेजों में ऑनलाइन क्लास और परीक्षाएं चल रही थीं।
26 मई 2021 को आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के दूसरे साल के छात्रों को परीक्षा में खुद सवाल लिखने थे और फिर उनके जवाब भी देने थे। पूरा पेपर 70 नंबर का था। छात्रों को आपस में बातचीत करके सवाल बनाने की इजाजत नहीं थी। किसी के सवाल दूसरे छात्र से मिलते-जुलते पाए जाने पर नंबर काटने की बात भी कही गई थी।
अब जो तस्वीर शेयर हो रही है, उसमें 5 नवंबर 2026 की तारीख बताई जा रही है। लेकिन IIT गोवा ने इसी तारीख को ऐसा कोई नया पेपर कराया था या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए इसे कॉलेज का नया परीक्षा पैटर्न कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
AI आने के बाद क्या पुराने तरीके से परीक्षा लेना सही है?
अब पढ़ाई का तरीका पहले जैसा नहीं रहा। कई छात्र किसी टॉपिक को समझने या सवाल का जवाब खोजने के लिए AI की मदद लेते हैं। कुछ सेकंड में उन्हें पूरी जानकारी मिल जाती है। लेकिन इससे एक परेशानी भी सामने आई है। कॉलेज यह कैसे पता लगाएं कि छात्र ने विषय को खुद समझा है या सिर्फ कहीं से जवाब लेकर लिख दिया है?
IIT गोवा का यह पेपर इसी बात को लेकर चर्चा में है। यहां छात्रों को तैयार सवाल नहीं मिले थे। उन्हें पूरे सेमेस्टर में जो पढ़ाया गया, उसी में से सवाल बनाने थे और फिर उनके जवाब लिखने थे। यानी छात्र को पहले यह तय करना था कि उसने क्या पढ़ा और उसमें कौन-सी बातें पूछने लायक हैं।पर मुश्किल हो सकता है। यही बात इस परीक्षा को आम पेपर से अलग बनाती है।
उम्मीदवारों को अपनी पढ़ाई के हिसाब से पहले NATS की वेबसाइट nats.education.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।









