बहराइच (उत्तर प्रदेश), 13 दिसंबर 2025 — बहराइच की एक विशेष अदालत ने 2024 में महाराजगंज कस्बे के दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस दौरान हुई साम्प्रदायिक हिंसा से जुड़े रामगोपाल मिश्रा हत्या मामले में आज कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी सरफराज उर्फ रिंकू को फांसी की सजा सुनाई और नौ अन्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी है।
फैसले के आधार पर अदालत ने यह भी बताया कि तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। कुल 13 अभियुक्तों के खिलाफ एफआईआर दर्ज थी, जिनमें से दो पहले ही पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। अदालत ने सजा का ऐलान करते हुए दंड से जुड़े कई प्रावधानों के तहत सजाओं का प्रावधान किया।
निर्णय के दौरान न्यायाधीश ने अपने विस्तृत 142-पृष्ठ के आदेश में प्राचीन ग्रंथ ‘मनुस्मृति’ के श्लोक का हवाला दिया और कहा कि कठोर दंड व्यवस्था समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में आवश्यक है। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे संगीन और क्रूर कृत्यों के लिए संपूर्ण न्याय सुनिश्चित करना समय की मांग है।
हिंसा उस समय भड़क उठी थी जब 13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान विवाद होने के बाद रामगोपाल मिश्रा पर गोलीबारी की गई थी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी और उसके बाद परिस्थितियाँ तेजी से बिगड़ गई थीं।











