बांग्लादेश लौट रहे हैं खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान, राजनीतिक हलचल हुई तेज

खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान बांग्लादेश लौट रहे हैं। उनके लौटने से राजनीतिक हलचल तेज हुई, देश में संभावित बदलाव और प्रतिक्रियाओं पर नजर। तारिक रहमान

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान 17 साल बाद स्वदेश लौटने जा रहे हैं। 

ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान 17 साल बाद स्वदेश लौटने जा रहे हैं। वह पिछले एक दशक से अधिक समय से लंदन में स्वनिर्वासित जीवन व्यतीत कर रहे थे। बीएनपी ने बताया कि तारिक रहमान 25 दिसंबर को ढाका पहुंचेंगे। उनकी वापसी ऐसे समय में हो रही है जब बांग्लादेश में आम चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 

मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन के अनुसार, उम्मीदवारों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 29 दिसंबर निर्धारित की गई है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 30 दिसंबर से 4 जनवरी तक की जाएगी।

तारिक रहमान की वापसी: तारीख और संदर्भ

बीएनपी ने बताया कि तारिक रहमान 25 दिसंबर 2025 को ढाका पहुंचेंगे। उनकी वापसी ऐसे समय में हो रही है जब बांग्लादेश में आगामी आम चुनाव की तैयारियां तेज़ हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन के अनुसार, उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तिथि 29 दिसंबर है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 30 दिसंबर से 4 जनवरी तक होगी। देश में आगामी चुनाव 12 फरवरी 2026 को निर्धारित हैं। ऐसे में तारिक रहमान की वापसी राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है।

तारिक रहमान का स्वदेश लौटना बीएनपी और उसके समर्थकों के लिए सकारात्मक संदेश माना जा रहा है। उनका लौटना न केवल पार्टी की कार्यकारिता को सक्रिय करेगा, बल्कि बीएनपी के उम्मीदवारों और प्रचार अभियानों में भी नई ऊर्जा भर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बीएनपी के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उनकी नेता खालिदा जिया की हालत गंभीर है और वे 23 सितंबर से अस्पताल में भर्ती हैं।

तारिक रहमान की वापसी से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह बढ़ सकता है और चुनावी रणनीति को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, यह कदम विपक्षी दलों और गठबंधन पर भी राजनीतिक दबाव बढ़ा सकता है।

तारिक रहमान का राजनीतिक सफर

तारिक रहमान को 2007 में राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने जेल की अवधि पूरी करने के बाद 2008 में रिहाई पाई और उपचार एवं परिवार के साथ लंदन चले गए। तब से वे ब्रिटेन में रह रहे थे। उनकी यह लंबे समय तक विदेशी निवास से वापसी राजनीतिक नजरिए से बड़ी घटना मानी जा रही है।

बीएनपी का कहना है कि तारिक रहमान ने हमेशा पार्टी की नीतियों और रणनीतियों में सक्रिय भूमिका निभाई है और अब वे सीधे चुनावी मोर्चे पर उतरेंगे। उनका यह कदम पार्टी के लिए एक सकारात्मक झटका के समान है।

तारिक रहमान की वापसी से बांग्लादेश के राजनीतिक माहौल में हलचल बढ़ गई है। आगामी 12 फरवरी 2026 के आम चुनाव में उनकी सक्रिय भागीदारी बीएनपी की संभावनाओं को मजबूत कर सकती है। इसके अलावा, यह कदम उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में काम करेगा।

 

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