भागलपुर/बांका: बिहार के चर्चित बांका डबल मर्डर केस की जांच अब भागलपुर तक पहुंच गई है। मामले में नई कड़ियां मिलने के बाद पुलिस ने भागलपुर के हबीबपुर इलाके में छापेमारी की और पूछताछ के लिए एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से दो युवकों की गोली मारकर हुई हत्या की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, बांका जिले में दो युवकों की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य जांच के दौरान कुछ ऐसे इनपुट मिले, जिनके आधार पर जांच का दायरा भागलपुर तक बढ़ाया गया। इसके बाद विशेष पुलिस टीम ने हबीबपुर क्षेत्र में दबिश दी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और जांच के हित में अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। यदि पूछताछ के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच टीम घटना के पीछे की वजह, आरोपियों के आपसी संबंध, संभावित साजिश और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, डिजिटल साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच का अहम हिस्सा बनाए गए हैं।
मृतक युवकों के परिजनों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि घटना के बाद परिवार में भय और शोक का माहौल है तथा दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच कई टीमों द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है। बांका और भागलपुर पुलिस के बीच लगातार समन्वय बनाया गया है ताकि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके। जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों में भी छापेमारी की जा सकती है।
फॉरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हों), मोबाइल डेटा और अन्य वैज्ञानिक जांच रिपोर्टों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि हिरासत में लिया जाना दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।