बार-बार जुकाम होना सिर्फ मौसम का असर नहीं, बल्कि एलर्जिक राइनाइटिस, साइनसाइटिस या कमजोर इम्यूनिटी का संकेत हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर जुकाम लंबे समय तक बना रहे या बार-बार लौटे, तो यह किसी गंभीर समस्या का शुरुआती लक्षण हो सकता है और डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
बार-बार जुकाम के कारण: दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल्स के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. रवि मेहर ने बताया कि बार-बार जुकाम होना सामान्य नहीं है और इसके पीछे एलर्जी, साइनस की समस्या या कमजोर इम्यून सिस्टम जिम्मेदार हो सकता है। यह समस्या मौसम बदलने पर ज्यादा देखने को मिलती है, जब धूल, पराग कण और वायरस सक्रिय हो जाते हैं। अगर जुकाम दो से तीन हफ्तों से ज्यादा बना रहे या सांस की दिक्कत, चेहरे में दर्द और बार-बार बुखार जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
बार-बार जुकाम के पीछे क्या वजह हो सकती है?
दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल्स में ईएनटी विभाग के एचओडी डॉ. रवि मेहर के अनुसार, बार-बार जुकाम होने का सबसे आम कारण एलर्जिक राइनाइटिस है। इस स्थिति में व्यक्ति को लगातार छींक आना, नाक से पानी बहना, नाक में खुजली और आंखों में जलन जैसी शिकायतें रहती हैं। मौसम बदलने पर हवा में मौजूद धूल, पराग कण और वायरस इस समस्या को और बढ़ा सकते हैं।
डॉ. रवि बताते हैं कि कई मामलों में यह जुकाम किसी संक्रमण की वजह से नहीं, बल्कि एलर्जी की प्रतिक्रिया होती है। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो खुद दवाइयां लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, ताकि सही कारण का पता चल सके और टारगेटेड इलाज शुरू हो सके।
![]()
साइनस और कमजोर इम्यूनिटी भी हैं बड़े कारण
एक और अहम वजह क्रॉनिक साइनसाइटिस हो सकती है। इस बीमारी में नाक और चेहरे की हड्डियों के अंदर मौजूद साइनस कैविटी में सूजन आ जाती है, जिससे जुकाम बार-बार होता है और लंबे समय तक बना रहता है। कई बार इसके साथ सिरदर्द, चेहरे में भारीपन और नाक बंद रहने की शिकायत भी होती है। ऐसे मामलों में दवाओं के साथ-साथ कुछ मरीजों को सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है।
इसके अलावा कमजोर इम्यून सिस्टम भी बार-बार जुकाम का बड़ा कारण माना जाता है। जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, तो वायरस और बैक्टीरिया आसानी से अटैक कर देते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि व्यक्ति बार-बार सर्दी-जुकाम, खांसी या बुखार की चपेट में आ जाता है।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी हो जाता है?
डॉक्टर्स के मुताबिक, अगर जुकाम दो से तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक बना रहे, या बार-बार लौटकर आए, तो यह सामान्य नहीं है। खासतौर पर अगर जुकाम के साथ सांस लेने में दिक्कत, आवाज में लगातार बदलाव, बार-बार बुखार या चेहरे में दर्द हो, तो तुरंत ईएनटी स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से समस्या बढ़ सकती है और आगे चलकर संक्रमण फेफड़ों या गले तक फैल सकता है। समय पर जांच और सही इलाज से जुकाम की असली वजह का पता लगाया जा सकता है और जटिलताओं से बचा जा सकता है।
बचाव के लिए क्या करें?
बार-बार जुकाम से बचने के लिए रोजमर्रा की आदतों में थोड़ा बदलाव जरूरी है। धूल-धुएं से बचाव करें, ठंडा पानी या बहुत ठंडी चीजों का सेवन कम करें और मौसम बदलने पर शरीर को ढककर रखें। इसके अलावा धूम्रपान से दूरी बनाना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि यह नाक और फेफड़ों की सेहत को सीधा नुकसान पहुंचाता है।
साथ ही संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम से इम्यूनिटी मजबूत की जा सकती है। अगर एलर्जी की समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह से एंटी-एलर्जिक दवाएं या नेजल स्प्रे इस्तेमाल किए जा सकते हैं।











