बिहार में रेलवे अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार नए प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में पूर्व मध्य रेलवे ने बरौनी-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के लगेज वैन को लीज पर देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस व्यवस्था से रेलवे को करीब 22.8 लाख रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। रेलवे की इस पहल से जहां उसकी कमाई बढ़ेगी वहीं व्यापारियों और कारोबारियों को भी अपने सामान को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
बरौनी-एर्नाकुलम एक्सप्रेस बिहार को दक्षिण भारत से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों में शामिल है। इस ट्रेन से बिहार के अलावा आसपास के क्षेत्रों के यात्री केरल और दक्षिण भारत के दूसरे शहरों तक सफर करते हैं। ट्रेन में उपलब्ध लगेज वैन का इस्तेमाल सामान और व्यावसायिक पार्सल की ढुलाई के लिए किया जा सकता है। रेलवे अब इसी सुविधा को लीज पर देकर अतिरिक्त आमदनी जुटाने की योजना पर काम कर रहा है।
रेलवे की ओर से लगेज वैन को निर्धारित अवधि के लिए लीज पर देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए इच्छुक कारोबारियों और कंपनियों से निविदा आमंत्रित की जाएगी। निर्धारित नियमों और शर्तों के आधार पर चयनित आवेदक को लगेज वैन के इस्तेमाल का अधिकार मिलेगा। इसके बदले रेलवे को तय राशि प्राप्त होगी। इस पूरी व्यवस्था से रेलवे को लगभग 22.8 लाख रुपये की कमाई होने की संभावना है।
रेलवे की इस पहल से छोटे और बड़े व्यापारियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। बिहार से दक्षिण भारत तक सामान भेजने वाले कारोबारियों को रेल परिवहन का विकल्प मिलेगा। लंबी दूरी पर सड़क के मुकाबले रेल से सामान भेजना कई मामलों में सुविधाजनक हो सकता है। इससे व्यापारियों का समय बचने के साथ परिवहन व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।
बरौनी-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के लगेज वैन को लीज पर देने की योजना रेलवे की व्यावसायिक रणनीति का हिस्सा है। रेलवे यात्री किराये के अलावा पार्सल और माल ढुलाई से होने वाली आमदनी बढ़ाने पर भी ध्यान दे रहा है। ट्रेनों में उपलब्ध अतिरिक्त जगह का व्यावसायिक इस्तेमाल कर राजस्व जुटाने की कोशिश की जा रही है।
रेलवे अधिकारियों की इस पहल से खाली उपलब्ध क्षमता का बेहतर उपयोग हो सकेगा। साथ ही सामान की ढुलाई के लिए रेलवे को नए ग्राहक मिल सकते हैं। बरौनी-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के लगेज वैन से 22.8 लाख रुपये की संभावित कमाई रेलवे के लिए अतिरिक्त राजस्व का जरिया बनेगी। अब इच्छुक कारोबारियों की नजर लीज प्रक्रिया और उसकी शर्तों पर रहेगी।











