बरबीघा नगर इन दिनों पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा हुआ है। माता पार्वती की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर पांच दिवसीय भव्य महायज्ञ का शुभारंभ विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। यज्ञ स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहां सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर है।
महायज्ञ के पहले दिन भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं। शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई यज्ञ मंडप तक पहुंची। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और माता के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा। बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
यज्ञ मंडप में विद्वान आचार्यों और पंडितों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना, गणेश पूजन, कलश स्थापना और अग्नि प्रज्वलन किया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच हवन प्रारंभ हुआ। श्रद्धालु बारी-बारी से आहुति देकर माता से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। प्रतिदिन सुबह और शाम विशेष हवन, दुर्गा सप्तशती पाठ और धार्मिक प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि पांच दिनों तक अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। दूसरे दिन से भागवत कथा और देवी महात्म्य का पाठ शुरू होगा। तीसरे और चौथे दिन विशेष पूजन, संकीर्तन और सामूहिक आरती का आयोजन होगा। अंतिम दिन माता पार्वती की प्रतिमा की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद भव्य भंडारा और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम रखा गया है।
यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। पेयजल, बैठने की व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा के लिए स्वयंसेवकों की टीम तैनात की गई है। स्थानीय प्रशासन भी आयोजन पर नजर बनाए हुए है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की भी व्यवस्था की गई है।
नगर के बुजुर्गों का कहना है कि बरबीघा में इस तरह का बड़ा धार्मिक आयोजन कई वर्षों बाद हो रहा है। इससे न केवल धार्मिक वातावरण मजबूत होगा बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा मिलेगा। युवाओं की भागीदारी इस आयोजन की खास बात है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही है।
स्थानीय व्यापारियों ने भी आयोजन में सहयोग दिया है। कई दुकानदारों ने यज्ञ स्थल के आसपास साफ-सफाई और रोशनी की व्यवस्था में योगदान दिया है। पूरे क्षेत्र को आकर्षक लाइटिंग और सजावट से सजाया गया है, जिससे शाम के समय यज्ञ मंडप का दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देता है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि इस महायज्ञ से क्षेत्र में शांति, समृद्धि और खुशहाली का संचार होगा। माता पार्वती की प्रतिमा की स्थापना को लेकर लोगों में गहरी आस्था है। परिवार के साथ दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए दूर-दराज के गांवों से भी लोग पहुंच रहे हैं।
पांच दिवसीय इस महायज्ञ ने बरबीघा को पूरी तरह धार्मिक उत्सव में बदल दिया है। भजन-कीर्तन, प्रवचन और आरती से हर दिन का माहौल भक्तिमय बना हुआ है। आयोजन समिति को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम क्षेत्र के लिए आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टि से ऐतिहासिक साबित होगा। श्रद्धालु माता पार्वती से आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन में सुख-शांति की कामना कर रहे हैं, और पूरे नगर में उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।










