शेखपुरा में जीविका दीदियों का कमाल: 718 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 56 हजार यूनिफॉर्म तैयार करने में जुटीं महिलाएं

शेखपुरा में 718 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 56 हजार यूनिफॉर्म तैयार कर रहीं जीविका दीदियां। महिलाओं को रोजगार और बच्चों को नई पहचान।
शेखपुरा में जीविका दीदियों का कमाल: 718 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 56 हजार यूनिफॉर्म तैयार करने में जुटीं महिलाएं
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शेखपुरा जिले में जीविका दीदियां इन दिनों बड़े पैमाने पर यूनिफॉर्म निर्माण कार्य में जुटी हुई हैं। जिले के 718 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए करीब 56 हजार यूनिफॉर्म तैयार की जा रही है। यह पहल न केवल बच्चों को एकरूपता और पहचान देगी, बल्कि सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर भी प्रदान कर रही है।

जानकारी के अनुसार, यह कार्य जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को सौंपा गया है। अलग-अलग पंचायतों में स्थापित सिलाई केंद्रों पर सुबह से शाम तक महिलाएं यूनिफॉर्म सिलने में व्यस्त हैं। कपड़े की कटिंग, सिलाई और पैकिंग तक का पूरा काम जीविका दीदियां खुद संभाल रही हैं। गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि बच्चों को बेहतर और टिकाऊ यूनिफॉर्म मिल सके।

जिला प्रशासन और महिला विकास विभाग की निगरानी में यह कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यूनिफॉर्म का वितरण निर्धारित समय पर आंगनबाड़ी केंद्रों में कर दिया जाएगा। इससे छोटे बच्चों में विद्यालय जैसा माहौल बनेगा और नियमित उपस्थिति को भी बढ़ावा मिलेगा।

जीविका दीदियों का कहना है कि इस तरह के कार्य से उन्हें घर के पास ही रोजगार मिल रहा है। पहले जहां कई महिलाएं आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर थीं, वहीं अब वे अपनी आय से परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। कुछ महिलाओं ने बताया कि यूनिफॉर्म निर्माण के इस काम से उन्हें सिलाई कौशल को निखारने का भी अवसर मिला है।

इस योजना से जिले के हजारों बच्चों को लाभ मिलेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को एक समान यूनिफॉर्म मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे खुद को एक बड़े समूह का हिस्सा महसूस करेंगे। साथ ही गरीब परिवारों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें अलग से कपड़े खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

प्रशासनिक अधिकारियों ने जीविका समूहों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की मेहनत और लगन से यह कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। समय-समय पर गुणवत्ता जांच भी की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की कमी न रह जाए।

यह पहल ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जीविका दीदियों की मेहनत से न केवल बच्चों को नई यूनिफॉर्म मिलेगी, बल्कि शेखपुरा में आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सहयोग की मिसाल भी कायम हो रही है।

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