बारोली-न्याणा गांव के बीच झाड़ियों में मिला भ्रूण, दो दिन तक कचरा समझ पड़ा रहा

अलवर के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में बारोली और न्याणा गांव के बीच झाड़ियों में 8 माह का भ्रूण मिला। दो दिन तक कचरा समझकर पड़ा रहा। पुलिस ने जांच शुरू की।

गोविंदगढ़ के बारोली और न्याणा गांव के बीच भ्रूण मिलने से लोगों में गुस्सा है। ग्रामीणों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस देरी के आरोपों के बीच हर एंगल से जांच का दावा कर रही है।

Rajasthan: अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बारोली और न्याणा गांवों के बीच झाड़ियों में पड़ी एक पोटली से करीब 8 माह का भ्रूण मिलने से सनसनी फैल गई। यह दृश्य देखकर ग्रामीण स्तब्ध रह गए और मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना की कड़ी निंदा की गई।

ग्रामीणों के अनुसार, यह पोटली सड़क किनारे झाड़ियों में पड़ी हुई थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इसके अंदर ऐसा भयावह सच छिपा है।

दो दिन तक कचरा समझकर पड़ा रहा भ्रूण

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि भ्रूण सलवार और पॉलीथिन में लिपटी एक पोटली में रखा गया था। सहायक उप निरीक्षक तेजराम ने बताया कि यह पोटली करीब दो दिन से उसी जगह पड़ी थी। राहगीरों ने इसे कचरा समझकर नजरअंदाज कर दिया।

रविवार सुबह खेत से लौट रहे एक किसान को पोटली पर शक हुआ। जब उसने पास जाकर पोटली खोली, तो उसके अंदर भ्रूण देखकर वह घबरा गया। किसान ने तुरंत गांव के अन्य लोगों को सूचना दी, जिसके बाद देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई।

सूचना पर पहुंचे ग्रामीण

घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों में गुस्सा और आक्रोश साफ दिखाई दे रहा था। ग्रामीणों ने इस अमानवीय कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों की जल्द पहचान और कड़ी सजा की मांग की।

हालांकि, ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस जाप्ता नहीं होने का हवाला देकर करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस देरी को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली और पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया गया।

पुलिस ने शुरू की जांच

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने भ्रूण को गोविंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित रखवाया। मौके से सलवार समेत अन्य संदिग्ध वस्तुओं को भी जब्त किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भ्रूण यहां किसने और किन हालात में फेंका।

इस मामले में गोविंदगढ़ थाना अधिकारी धर्म सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की सभा के चलते पुलिस बल की ड्यूटी लगी हुई थी, जिस कारण मौके पर पहुंचने में थोड़ी देरी हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और हर पहलू से जांच की जा रही है।

पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषियों की पहचान कर मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का अमानवीय कृत्य करने की हिम्मत न करे।

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