बंगाल की खाड़ी का सिस्टम कमजोर, ओडिशा में बाढ़-लैंडस्लाइड का खतरा; 8,082 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए

बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन कमजोर हो रहा है। ओडिशा में बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा बना है। छत्तीसगढ़, आंध्र और तेलंगाना में भारी बारिश का अलर्ट।

बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन कमजोर पड़ रहा है, लेकिन ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा बरकरार है। ओडिशा में 8,082 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र और तेलंगाना में भी बारिश का अलर्ट है।'

अमरावती: बंगाल की खाड़ी से उठे मौसम तंत्र के कमजोर पड़ने के बावजूद ओडिशा और आसपास के राज्यों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण ओडिशा और उससे सटे इलाकों में सक्रिय डीप डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए कमजोर हो रहा है।

ओडिशा में बारिश के बीच बढ़ी चिंता

ओडिशा में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में अचानक बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान चलाया है। गुरुवार दोपहर तक 8,082 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।

मौसम तंत्र के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में लगातार बारिश हुई है। IMD के 25 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य में शुक्रवार को बहुत भारी बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि 26 सितंबर को भी भारी बारिश का अनुमान है। इसके बाद चेतावनी में कमी आने की संभावना है।

भारी बारिश के चलते नदियों, नालों और जल निकासी प्रणालियों पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा होने की आशंका बनी हुई है। पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण मिट्टी खिसकने का जोखिम भी बढ़ सकता है।

डीप डिप्रेशन कमजोर हो रहा है

IMD के अनुसार, 24 सितंबर को उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा से जुड़ा डीप डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था। यह ओडिशा के कोरापुट के उत्तर-पूर्व और छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के पूर्व में स्थित था। मौसम विभाग ने इसके आगे उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान जताया था।

इससे पहले यह मौसम तंत्र उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के पास तट को पार कर चुका था। इसके बाद सिस्टम जमीन के ऊपर आगे बढ़ा और इसकी ताकत में कमी आने लगी। हालांकि, सिस्टम के कमजोर होने के बावजूद उससे जुड़ी नमी और बारिश का प्रभाव तुरंत समाप्त नहीं होता। यही वजह है कि ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में बारिश का खतरा अभी बना हुआ है।

छत्तीसगढ़ में अति भारी बारिश की चेतावनी

अगले 24 घंटे में छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। IMD ने 25 सितंबर के लिए छत्तीसगढ़ में Extremely Heavy Rain की चेतावनी जारी की है। इसके साथ गरज, बिजली और तेज हवाओं जैसी मौसमी गतिविधियों की भी संभावना है।

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर सड़क यातायात, स्थानीय जल निकासी और निचले इलाकों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी है जहां पहले से बारिश के कारण मिट्टी नरम हो चुकी है या जलस्तर बढ़ा हुआ है।

तटीय आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश

मौसम तंत्र का असर तटीय आंध्र प्रदेश में भी जारी है। IMD ने 25 सितंबर को यहां भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। 24 सितंबर को तटीय आंध्र में बहुत भारी बारिश के साथ तेज सतही हवाओं की चेतावनी भी जारी की गई थी।

तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति भी प्रभावित रही है। IMD के तटीय बुलेटिन में उत्तर आंध्र तट के लिए तेज हवाओं और खराब से बहुत खराब दृश्यता की चेतावनी दी गई थी। भारी बारिश और गरज के दौरान समुद्री गतिविधियों में विशेष सावधानी की जरूरत बताई गई है।

तेलंगाना में भी बारिश का असर

तेलंगाना में भी मौसम विभाग ने 25 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई है। 26 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।

बारिश के दौरान शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में स्थानीय स्तर पर सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अनुमान

मौसम तंत्र के प्रभाव वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। उपलब्ध मौसम अपडेट के अनुसार कुछ प्रभावित इलाकों में हवाओं की गति 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तेज हवाओं के दौरान पेड़ों की शाखाएं टूटने, अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का जोखिम बढ़ जाता है। बारिश के साथ बिजली चमकने की स्थिति में खुले स्थानों पर रहने से बचना जरूरी है।

ओडिशा में प्रशासन की बढ़ी सतर्कता

भारी बारिश और संभावित बाढ़-लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए ओडिशा में संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। 8,082 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाना इसी एहतियाती तैयारी का हिस्सा है। IMD के अनुसार, 25 सितंबर को ओडिशा में बहुत भारी बारिश और 26 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। 27 सितंबर से राज्य के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।

सिस्टम कमजोर, लेकिन बारिश का खतरा अभी खत्म नहीं

मौसम तंत्र के कमजोर होने से आने वाले दिनों में परिस्थितियों में सुधार की उम्मीद है, लेकिन इसके अवशेषों से जुड़ी नमी के कारण कई राज्यों में बारिश जारी रह सकती है। इसलिए ओडिशा, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के प्रभावित इलाकों में लोगों को स्थानीय प्रशासन और IMD की ताजा चेतावनियों का पालन करना चाहिए।

वैश्विक मौसम रिपोर्टिंग के लिहाज से इस स्थिति को Bay of Bengal weather system, heavy rainfall, flash flood and landslide risk in eastern and central India के संदर्भ में देखा जा सकता है। आधिकारिक IMD रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान सिस्टम का तकनीकी वर्गीकरण डीप डिप्रेशन है, जो धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है।

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