क्या आज फिर शेयर बाजार में आएगी बड़ी गिरावट? GIFT Nifty और Global Markets से मिले संकेत

शेयर बाजार में गुरुवार की बड़ी गिरावट के बाद आज कैसा रहेगा कारोबार? जानें GIFT Nifty, US Market, Asian Market, Crude Oil और Bond Yield से मिले ताजा संकेत।

गुरुवार को निफ्टी में 1.6% की गिरावट दर्ज की गई, जो 8 जुलाई के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट रही। इस तेज गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अब हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार के बाजार पर है।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का कारोबारी सत्र एक बार फिर चुनौतीपूर्ण रह सकता है। गुरुवार को Nifty में करीब 1.6% की तेज गिरावट दर्ज की गई, जो 8 जुलाई के बाद इसकी सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट रही। इसके बाद निवेशकों की नजर आज के market trend पर है। हालांकि, शुरुआती कारोबार से पहले GIFT Nifty में हल्की बढ़त दिखाई दी, जिससे बाजार में सपाट से सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

US-Iran tensions, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, बढ़ती global bond yields और कमजोर Asian markets जैसे factors फिलहाल भारतीय equities पर दबाव बनाए हुए हैं। ऐसे माहौल में investors की नजर GIFT Nifty, crude oil prices, FII-DII flows और प्रमुख global indices पर रहेगी।

GIFT Nifty ने दिए सपाट से Positive Opening के संकेत

शुक्रवार सुबह GIFT Nifty में हल्की तेजी दिखाई दी। सुबह करीब 7 बजे यह 0.17% यानी 39 points की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। इससे भारतीय बाजार में बहुत मजबूत opening की उम्मीद तो नहीं बनती, लेकिन शुरुआती संकेत पूरी तरह bearish भी नहीं हैं। दूसरी ओर, India VIX में गुरुवार को करीब 23% की तेजी आई और यह 12.69 के स्तर पर बंद हुआ। VIX में बढ़ोतरी आम तौर पर बाजार में बढ़ी हुई volatility और uncertainty को दर्शाती है।

US-Iran तनाव और Crude Oil बना बड़ा Risk

भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण global factors में US-Iran tensions और crude oil prices शामिल हैं। ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर uncertainty बढ़ने से investors के बीच चिंता बनी हुई है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दिए गए संकेतों के बाद यह संभावना कमजोर हुई कि ईरान के साथ कोई संभावित deal जल्द हो सकती है। इसके अलावा Red Sea में Houthi गतिविधियों और Saudi Arabia से जुड़े तनाव ने global energy supply को लेकर concerns बढ़ाए हैं।

अगर crude oil लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है, तो इसका असर भारत के import bill, inflation और corporate margins पर पड़ सकता है। यही वजह है कि oil prices में हर बड़ी movement भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण हो गई है।

Asian Markets में भी दबाव

शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में Asian markets में mixed-to-weak trend देखने को मिला। Global bond market में हुई बड़ी हलचल का असर भी Asian equities पर पड़ा। Tokyo time के अनुसार सुबह 9:57 बजे:

  • S&P 500 Futures करीब 0.2% नीचे रहे।
  • Hang Seng Futures में करीब 0.3% की गिरावट रही।
  • Japan का Topix करीब 0.6% ऊपर रहा।
  • Australia का S&P/ASX 200 करीब 0.6% गिरा।
  • Euro Stoxx 50 Futures करीब 0.4% ऊपर रहे।

Global bond yields में तेजी भी investors के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। US Treasury market में long-term yields में बढ़ोतरी से equity valuations पर दबाव बढ़ सकता है।

US Stock Market में रही सीमित हलचल

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में S&P 500 मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। Microsoft के शेयरों में कमजोरी रही, जबकि Meta Platforms में तेजी देखने को मिली। Middle East tensions के बीच crude oil prices और Treasury yields में बढ़ोतरी ने भी बाजार sentiment को प्रभावित किया हालांकि, Reuters की एक रिपोर्ट के बाद US markets session lows से कुछ हद तक recover हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, US और Iran के बीच बातचीत में conflict को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने के संभावित रास्ते पर चर्चा की जा रही थी। संभावित framework में Strait of Hormuz को दोबारा खोलना और Washington की ओर से Iran पर लगाए गए economic sanctions में बदलाव शामिल हो सकता है।

Gold Prices में भी नरमी

शुक्रवार को gold prices में कमजोरी देखने को मिली। मजबूत US dollar और इस संभावना ने सोने पर दबाव बढ़ाया कि Federal Reserve inflation को नियंत्रित करने के लिए interest rates को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। Higher-for-longer interest rates की उम्मीद आम तौर पर non-yielding assets जैसे gold के लिए दबाव पैदा कर सकती है।

भारतीय equity market में institutional investors की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी। गुरुवार को Foreign Portfolio Investors यानी FII ने करीब ₹5,027 करोड़ की net selling की। इसके मुकाबले Domestic Institutional Investors यानी DII ने करीब ₹4,201 करोड़ की net buying की। FII selling और DII buying के बीच यह अंतर market sentiment को समझने के लिए महत्वपूर्ण संकेतक बना हुआ है।

Rupee भी दबाव में

गुरुवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 23 पैसे कमजोर होकर 95.96 के provisional level पर बंद हुआ। Crude oil prices में तेजी, geopolitical uncertainty और मजबूत dollar ने रुपये पर दबाव बढ़ाया। आने वाले सत्रों में currency market की movement भी Indian equities के लिए महत्वपूर्ण रहेगी, खासकर अगर crude oil prices ऊंचे बने रहते हैं।

इन Stocks पर रहेगी नजर

शुक्रवार के कारोबार में कुछ stocks corporate developments के कारण focus में रह सकते हैं। इनमें Waaree Energies, PB Fintech, Lemon Tree Hotels और Dr Lal PathLabs जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा investors की नजर banking, IT, energy और अन्य sensitive sectors पर भी रहेगी, क्योंकि global cues और crude oil prices बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

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