भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी की पत्नी दीप्ति त्रिपाठी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का अपना फैसला अस्थायी रूप से टाल दिया है। यह कदम बब्बर खालसा इंटरनेशनल से मिली धमकियों के बाद उठाया गया।
चंडीगढ़: भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी की पत्नी दीप्ति त्रिपाठी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हरियाणा इकाई में शामिल होने का अपना निर्णय टाल दिया है। बुधवार, 21 जनवरी को दीप्ति ने बताया कि उनके परिवार को प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से धमकी भरे फोन आए थे।
दीप्ति त्रिपाठी, जो कई वर्षों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं, को पंचकूला स्थित पार्टी कार्यालय में बीजेपी में शामिल होना था। इसके लिए दिनभर मीडिया को कार्यक्रम की कवरेज के लिए आमंत्रण भी भेजे गए थे। हालांकि, उनके शामिल न होने पर कुछ लोगों ने आश्चर्य जताया।
दीप्ति त्रिपाठी का बीजेपी ज्वॉइनिंग कार्यक्रम
दीप्ति त्रिपाठी कई वर्षों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं। उन्होंने पंचकूला स्थित बीजेपी कार्यालय में शामिल होने का कार्यक्रम तय किया था। इसके लिए मीडिया को भी आमंत्रण भेजे गए थे। उनका कहना था कि वे पार्टी की नीतियों, विकास कार्यों और कार्यक्रमों से प्रभावित हैं और इसलिए बीजेपी में शामिल होने का मन बना रही हैं।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान ही दीप्ति को परिवार और सुरक्षा को लेकर खतरे का एहसास हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, दीप्ति शाम करीब 4.15 बजे बीजेपी कार्यालय पहुंचीं, लेकिन कुछ ही मिनट बाद बाहर आ गईं। पार्टी के पंचकूला अध्यक्ष ने पुष्टि की कि दीप्ति त्रिपाठी ने अभी पार्टी की सदस्यता ग्रहण नहीं की है।

धमकियों का मामला
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दीप्ति ने बताया कि उनके परिवार को बब्बर खालसा इंटरनेशनल से धमकी भरे फोन आए। इसके अलावा उनके पति, BBMB अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी को भी रिंदा ग्रुप और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से धमकियां मिली हैं। दीप्ति ने यह भी दावा किया कि उनके पति के ऑफिस पर कुछ विरोध प्रदर्शनकारी एकत्र हो गए थे। ये लोग आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े पुराने कर्मचारी बताए जा रहे हैं, जो अपनी मांगें पूरी करवाना चाहते थे। इसके कारण सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
पुलिस ने दीप्ति त्रिपाठी और उनके परिवार की सुरक्षा को बढ़ा दिया है। उनके घर के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बीते साल पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार और हरियाणा के बीच नदी के पानी के बंटवारे को लेकर BBMB के साथ विवाद चल रहा था। ऐसे समय में दीप्ति त्रिपाठी की बीजेपी में शामिल होने की योजना राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
दीप्ति के समर्थकों और बीजेपी के नेताओं ने उनके फैसले का स्वागत किया, लेकिन सभी ने सुरक्षा कारणों से उनके निर्णय का सम्मान किया। पार्टी के पंचकूला अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दीप्ति त्रिपाठी कब बीजेपी की सदस्यता लेंगी।










